रायगढ़। घरेलू और व्यवसायिक बिजली दरों में की गई वृद्धि के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टेशन चौक से रैली निकालकर विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि कभी बिजली दरों में वृद्धि तो कभी स्मार्ट मीटर के चलते आम जनता की परेशानी बढ़ गई। ऐसे में अब घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर आगामी 1 जुलाई से लागू होने जा रही बिजली दर से परेशानी बढ़ जाएगी। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने बिजली दर बढ़ोतरी के साथ-साथ स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भी विरोध किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में लगभग 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 60 से 70 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रहे हैं, जबकि आम जनता इसके दुष्परिणामों को लेकर चिंतित है। वहीं यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन करने वाला प्रदेश है, इसके बावजूद राज्य की जनता को महंगी बिजली मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं का पहले एक हजार रुपये के आसपास बिल आता था, उनका बिल अब कई गुना बढकऱ पांच हजार रुपये तक पहुंच रहा है। ऐसे में सरकार को बिजली बिल कम करते हुए स्मार्ट मीटर पर भी प्रतिबंधन लगाना चाहिए ताकि आमजन को राहत मिल सके। किया पुतला दहन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान सीएम का पुतला दहन किया, इसके बाद रैली निकालकर बिजली आफिस पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपते हुए मांग किया है कि तत्काल प्रभाव से बढ़े बिजली बिल के फैसले को वापस लिया जाए। ये है प्रमुख मांगे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान की गई प्रमुख मांगो में बढ़ाई गई बिजली दरों को तत्काल वापस लिया जाए। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले फैसलों को निरस्त किया जाए। बिजली उत्पादन करने वाले प्रदेश में सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए।



