जांजगीर-चांपा। एसीबी/ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा लगातार छेड़े जा रहे व्यापक ट्रैप अभियान के तारतम्य में 20 मार्च 2026 को एसीबी इकाई बिलासपुर द्वारा जांजगीर-चांपा जिले में सीएसपीडीसीएल जांजगीर के सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि जांजगीर निवासी प्रदीप यादव द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि वह ग्राम खोखसा में फ्लाईएश ब्रिक्स का प्लांट डालना चाहता है, जहां ट्रांसफार्मर लगाने के लिए उसने सीएसपीडीसीएल कार्यालय जांजगीर में आवेदन दिया था तथा उसके लिए डिमांड नोट भी पटा दिया गया था, किंतु ट्रांसफॉर्मर और मीटर लगाने के एवज में उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला द्वारा 10 हजार रुपए, सहायक अभियंता विजय नोर्गे और उनके सहयोगी सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर द्वारा 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है, जो वह उन्हें उक्त कार्य के लिए नहीं देना चाहता है बल्कि, उन्हें रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है। शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। निर्धारित योजना के अनुसार 20 मार्च 2026 को प्रार्थी को संबंधितों को रिश्वत राशि देने के लिए सीएसपीडीसीएल कार्यालय जांजगीर भेजा गया, जहां उसके द्वारा उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला को रिश्वत राशि 10 हजार रूपए दिए गए तथा सहायक अभियंता विजय नोर्गे द्वारा रिश्वती रकम 25 हजार रूपए अपने सहायक देवेंद्र राठौर को देने के लिए कहने पर प्रार्थी द्वारा रिश्वत रकम 25 हजार रुपए देवेंद्र राठौर को दिए गए और आसपास फैली एसीबी टीम को इसकी सूचना दी गई, जिस पर एसीबी टीम द्वारा तीनों को त्वरित रूप से पकड़ लिया गया। रिश्वत में ली गई राशि 35 हजार रुपए को आरोपियों से बरामद कर लिया गया है। एसीबी द्वारा आरोपियों के विरुद्ध धारा 7,12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है।
35 हजार रिश्वत लेते सीएसपीडीसीएल का एई, जेई और क्लर्क गिरफ्तार
ट्रांसफार्मर व मीटर लगाने के एवज में मांगी थी रिश्वत



