रायपुर। ग्रामीण पुलिस ने शनिवार (20 जून) को सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में बड़े स्तर पर सरप्राइज चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के दौरान श्रमिक बस्तियों, किराए के मकानों और अलग-अलग फैक्ट्रियों में रह रहे लोगों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और बाहरी राज्यों से आकर छिपने वाले अपराधियों की पहचान कर उन पर निगरानी रखना था। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपने किरायेदारों और कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने की अपील भी की। अभियान के दौरान श्रमिक बस्तियों, किराए के मकानों और अलग-अलग फैक्ट्रियों में रह रहे लोगों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाया गया। कार्रवाई को थाना धरसीवा और चौकी सिलतरा पुलिस की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। अभियान के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से आए श्रमिकों का सत्यापन किया। उनके पहचान पत्र, निवास संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारियों की जांच कर रिकॉर्ड का मिलान किया गया। पुलिस ने मकान मालिकों को किरायेदारों की पूरी जानकारी और दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी। साथ ही किरायेदारों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की समझाइश भी दी गई।
पुलिस ने क्षेत्र में निवासरत लोगों को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। साथ ही बाहरी राज्यों से अपराध कर क्षेत्र में शरण लेने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई। डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध रोहिंग्या या बांग्लादेशी नागरिक नहीं मिला। औद्योगिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस कार्रवाई से उद्योग प्रबंधन, श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या डायल-112 पर दें।
पुलिस सरप्राइज चेकिंग : प्रवासी मजदूरों के दस्तावेज जांचे



