पखांजुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र छोटे बेठिया के बेचाघाट में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोटरी नदी तट स्थित बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के सीओबी छोटे बेठिया में पहली बार स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा बलों ने एक साथ योग कर शांति, विकास और सामाजिक एकता का संदेश दिया। खास बात यह रही कि जिस स्थान को कभी नक्सली गतिविधियों और विकास विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र माना जाता था, वहीं आज योग के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की नई तस्वीर देखने को मिली,अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बीएसएफ जवानों के साथ-साथ लगभग 200 स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन 94वीं वाहिनी बीएसएफ के कमांडेंट रविंदर सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में किया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छोटे बेठिया थाना प्रभारी, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सरपंच तथा कालरकुटनी, कंडारी, छोटे बेठिया और बरेभेरा गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं सभी प्रतिभागियों और ग्रामीणों को पौष्टिक नाश्ता भी कराया गया। स्थानीय लोगों ने बीएसएफ के जनसंपर्क और सामुदायिक विकास कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की। बता दें कभी नक्सल प्रभाव के कारण सुर्खियों में रहने वाला कोटरी नदी का यह तट अब योग, शांति और विकास का प्रतीक बनता नजर आ रहा है। बीएसएफ और स्थानीय ग्रामीणों की साझी भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि विश्वास और सहयोग के जरिए बदलाव की नई इबारत लिखी जा सकती है।
कोटरी नदी तट पर योग का महाकुंभ
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में योग से शांति का संदेश



