रायगढ़। क्षेत्र में फ्लाईऐश की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। शहर की प्रमुख सडक़ों पर जगह-जगह फ्लाईऐश का गिरना और अवैध डंपिंग लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। इसके चलते आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों का स्वास्थ्य भी गंभीर खतरे में है।
सबसे चिंताजनक हालात खरसिया थाना के सामने देखने को मिले। मुख्य सडक़ पर गीली फ्लाईऐश की मोटी परत बिछी हुई थी, जिससे राहगीरों को तो परेशानी हुई ही, साथ ही सडक़ किनारे स्थित न्यू विवेकानंद स्कूल और निकट के बंसल पब्लिक स्कूल में पढऩे वाले नन्हे बच्चों के लिए यह समस्या और खतरनाक हो गई। फ्लाईऐश के महीन कण हवा में उडक़र आँखों में जलन, खांसी, दम घुटने और सांस संबंधी रोग फैलाने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि आए दिन इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, लेकिन पर्यावरण विभाग और प्रशासन द्वारा अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आर.के.टी.सी. ट्रांसपोर्टिंग कंपनी द्वारा अथेना पावर प्लांट (जो अब वेदांता के अधीन है) से फ्लाईऐश बाराद्वार ले जाई जा रही थी, इसी दौरान यह सडक़ पर फैल गई।
स्थिति को गंभीर देखते हुए खरसिया थाना प्रभारी राजेश जांगड़े ने त्वरित कार्रवाई कर वाहन को जब्त कर थाने ले गए। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक गाड़ी पकडऩे का मामला नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जारी लापरवाही और नियमों की अनदेखी का परिणाम है।
लोगों ने प्रशासन और विशेष रूप से पर्यावरण विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि फ्लाईऐश की ढुलाई के दौरान कवरिंग और सुरक्षा मानकों का पालन न करना सीधे तौर पर कानून और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है। यदि इस पर तत्काल और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में क्षेत्र गंभीर स्वास्थ्य संकट और पर्यावरणीय आपदा की चपेट में आ सकता है।
खरसिया में फ्लाईऐश से बढ़ी परेशानी, टीआई राजेश जांगड़े ने पकड़ी गाड़ी
पर्यावरण विभाग की लापरवाही उजागर



