रायगढ़। जिले में उद्योगों में लगातार हो रहे हादसों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खिलाफ हृस्ढ्ढ और युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग का घेराव किया और उद्योगों के खिलाफ नारेबाजी की।
सोमवार को बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के नेता औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं, श्रमिकों की मौत और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर विभाग का घेराव किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हर हादसे के बाद सिर्फ मुआवजा देकर मामला दबा दिया जाता है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इस दौरान हाल ही में रूपाणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिक दीपक चौहान की मौत का मामला भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। उनका कहना था कि अगर समय-समय पर जांच, सेफ्टी ऑडिट और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती, तो ऐसे हादसे रोके जा सकते थे। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति को समझाने की कोशिश की।
अधिकारियों ने दिया आश्वसन
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी बड़े उद्योगों की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सुरक्षा उपकरण, कार्यस्थल के नियम, निरीक्षण व्यवस्था, दुर्घटना रोकने के उपाय और प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही रूपाणाधाम समेत हाल में हुई घटनाओं की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद युवा कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
युवा कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा
प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक घटना के विरोध में नहीं है, बल्कि जिले के हर उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा, जीवन और सम्मान के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक उद्योगों में नियमित सुरक्षा जांच, जिम्मेदार प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई और श्रमिकों की सुरक्षा के पक्के नियम लागू नहीं किए जाते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों की जान की कीमत सिर्फ मुआवजा नहीं हो सकती, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।



