रायगढ़। रायगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा विज्ञान की अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करते हुए बिना सिर खोले (बिना चीरा-टांका लगाए), नाक के रास्ते एंडोस्कोपी पद्धति से ब्रेन ट्यूमर निकालने में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। रायगढ़ के इतिहास में इस तकनीक से की गई यह पहली सर्जरी है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को अब बड़े महानगरों के महंगे चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
रायगढ़ निवासी 50 वर्षीय महिला पिछले 3 वर्षों से लगातार गंभीर सिरदर्द से जूझ रही थीं। बीते एक महीने में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सिरदर्द असहनीय हो गया और आंखों की रोशनी तेजी से घटने लगी। जब परिजन उन्हें बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नितीश नायक के पास लेकर पहुंचे, तो जांच में मस्तिष्क की मुख्य ग्रंथि ‘पिट्यूटरी ग्लैंड’ में ट्यूमर पाया गया। यह ट्यूमर आंखों की मुख्य नसों को दबा रहा था, जिससे महिला की दृष्टि हमेशा के लिए जाने का खतरा था।
कठिन चुनौती : जान का जोखिम और नाजुक नसें
डॉ. नितीश नायक ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। डॉ. नायक ने बताया कि यह सर्जरी न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में सबसे जटिल प्रक्रियाओं में गिनी जाती है। इसमें नाक के जरिए विशेष एंडोस्कोप और माइक्रो-ड्रिल की मदद से ट्यूमर तक रास्ता बनाया जाता है। इस हिस्से में मस्तिष्क की मुख्य रक्त धमनियां ट्यूमर के बिल्कुल करीब होती हैं, जहां जरा सी चूक से जान का जोखिम रहता है। साथ ही सर्जरी के बाद सिर का पानी (ष्टस्स्न) नाक से रिसने और संक्रमण की बड़ी चुनौती होती है। यह तकनीक अब तक केवल देश के कुछ चुनिंदा मेट्रो शहरों में ही उपलब्ध थी।
4 घंटे चला ऑपरेशन, पांचवें दिन डिस्चार्ज
विशेषज्ञों की टीम ने लगभग 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्यूमर को पूरी तरह सफलतापूर्वक निकाल दिया। सर्जरी के तुरंत बाद मरीज होश में आ गईं। सबसे सुखद परिणाम यह रहा कि मरीज को सिरदर्द से तत्काल राहत मिली और आंखों की रोशनी पूरी तरह लौट आई। पांचवें दिन मरीज को स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया। आयुष्मान योजना से मिला सहारा इस पूरे उपचार का खर्च आयुष्मान भारत योजना तहत हुआ जिससे एक गरीब परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
अस्पताल प्रबंधन ने दी बधाई
हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. प्रकाश मिश्रा ने न्यूरोसर्जरी विभाग की इस बड़ी सफलता पर बधाई देते हुए कहा- बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल का उद्देश्य रायगढ़ और आसपास के अंचल को महानगरों जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। रायगढ़ में पहली बार हुई यह एंडोस्कोपिक ब्रेन सर्जरी पूरे जिले के लिए एक मील का पत्थर है।
सर्जरी टीम में ये रहे शामिल
इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने में मुख्य न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. यू.एस. गुप्ता, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तथा ओटी स्टाफ जयदीप, रामेश्वर जयनारायण, ज्योति, अनु और पूजा का अहम योगदान रहा। शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ. नितीश नायक ने इस महत्वपूर्ण सफलता को अपने समस्त गुरुजनों को समर्पित किया।
काशन हेतु आवश्यक सुझाव
मरीज/परिजनों की प्रतिक्रिया: बॉक्स में 2 लाइन का मरीज का बयान जोड़ें मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया था, डॉ. नायक और बालाजी हॉस्पिटल ने मुझे दूसरा जीवन दिया है। इससे आम जनता का भरोसा कई गुना बढ़ जाता है।



