रायगढ़। ग्राम पंचायत तारापुर के उपसरपंच को कोतरारोड पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया, जिसकी सूचना मिलते ही शुक्रवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला-पुरुष थाना पहुंच कर घेराव कर दिया। वहीं इसकी जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री उमेश पटेल भी अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और थाना के सामने ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि शहर के कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्रामपंचायत तारापुर के ग्रामीणों ने सरपंच चुनाव में डिग्री प्रसाद सिदार को अपना मद देकर सरपंच बनाया था, लेकिन उसके पदभार संभालते ही गांव का सारा विकास कार्य ठप हो गया, जिससे ग्रामीणों ने डिग्री के खिलाफ अश्विास प्रस्ताव पारित करते हुए दोबारा चुनाव कराने की मांग की। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद जिला प्रशासन की तरफ से 10 सितंबर को चुनाव कराने की तिथि तय हुई, जिसको लेकर विगत कई दिनों से गांव में तनाव का माहौल बन गया है। इस बीच सरपंच डिग्री सिदार ने उपसरपंच राजू डनसेना के खिलाफ एसटी-एससी, मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत कोतरारोड थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था, जिससे पुलिस की उसकी तलाश कर रही थी। इस दौरान गुरुवार को पुलिस को जानकारी मिली कि उपसरपंच राजू डनसेना अपने दोस्त के साथ सरिया मेला देखने गया है, जिससे पुलिस ने उसे देर रात रास्ते ही गिरफ्तार कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही शुक्रवार को सुबह से ही तारापुर गांव के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे थाना पहुंच गए और उसे छुड़ाने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्या कहते हैं ग्रामीण
इस संबंध में ग्रामीणों का कहना था कि जब से डिग्री सिदार गांव का सरपंच बना है, तब से गांव में एक भी कार्य नहीं हो रहा है, जिससे उसे हटाने की मांग चल रही है। साथ ही अब चुनाव का तिथि तय होने के बाद उपसरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। साथ ही ग्रामीणों का कहना था कि अगर पुलिस राजू सिदार को गिरफ्तार करने गांव आती तो किसी हाल में उसे जाने नहीं देते, लेकिन पुलिस ने धोखे से रात के अंधेरे में उसे गिरफ्तार किया है, जो पूरी तरह से गलत है। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अभी तक पुलिस यह भी नहीं बता रही है कि किसी आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।
समर्थन में पहुंचे पूर्वमंत्री
तारापुर के उपसरपंच की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पर्वू मंत्री व खरसिया विधायक उमेश पटेल भी शुक्रवार को दोपहर में थाना पहुंच गए और अन्य ग्रामीणों के साथ धरना पर बैठ गए। उनका कहना था कि ग्रामीणों के साथ पुलिस अत्याचार कर रही है, ऐसे में जब तक उसे छोड़ा नहीं जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में देर रात तक प्रदर्शन चलता रहा।



