रायगढ़। केशला-तोलगे सडक़ की बदहाली को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहे ग्रामीणों का आंदोलन आखिरकार असर दिखाता नजर आया। शनिवार को केशला मोड़ (कुंजारा) में आयोजित चक्का जाम के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर 15 अगस्त तक सडक़ की मरम्मत कर उसे आवागमन योग्य बनाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल अपना चक्का जाम समाप्त कर दिया।
करीब 20 वर्षों से सडक़ निर्माण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों ने कहा कि लगातार मांग और आंदोलन के बाद प्रशासन हरकत में आया है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सडक़ संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि 15 अगस्त तक सडक़ की आवश्यक मरम्मत कर आवागमन सुचारु किया जाएगा, जबकि स्थायी सडक़ निर्माण की दिशा में भी आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के इस आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने जनहित को देखते हुए चक्का जाम समाप्त करने की घोषणा की।
हालांकि आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि तय समय सीमा तक सडक़ मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता पहले से भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 15 अगस्त पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या पीडब्ल्यूडी अपना वादा निभाएगा या फिर ग्रामीणों का आंदोलन एक बार फिर सडक़ों पर दिखाई देगा।
20 साल के संघर्ष का असर!° पीडब्ल्यूडी के आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम
15 अगस्त तक सडक़ को चलने योग्य बनाने का वादा



