जशपुर। जिले के मनोरा चौकी क्षेत्र के गजमा गांव में कटहल खाने पेड़ पर चढ़ा एक भालू लोहे के तार के फंदे में फंस गया। सूचना मिलने पर वन विभाग और ग्रीन नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर भालू का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उपचार के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने जंगल से लगे कटहल के पेड़ पर भालू को फंसा देखा। सूचना पर वन विभाग और ग्रीन नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में भालू को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन उसके आक्रामक होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद अंबिकापुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई। विशेषज्ञों ने डॉट गन की मदद से भालू को ट्रेंक्यूलाइज कर बेहोश किया। इसके बाद लोहे का तार काटकर ग्रीन नेट की सहायता से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। चिकित्सकों ने घायल भालू का उपचार किया और होश में आने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया।
जानबूझकर फंदा लगाने का संदेह
वन विभाग को संदेह है कि कटहल के पेड़ पर शरारती तत्वों ने जानबूझकर लोहे का फंदा लगाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फंदा दोपहिया वाहनों के टूटे हुए क्लच वायर से बनाया गया था और पके कटहल के पास लगाया गया था। माना जा रहा है कि भालू को पकडऩे के उद्देश्य से यह जाल बिछाया गया था।
दोषियों पर होगी कार्रवाई- डीएफओ
जशपुर के डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि कटहल के पेड़ में फंसे भालू का सफल रेस्क्यू कर के इलाज बाद जंगल में छोड़ दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



