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Reading: विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का करारा जवाब
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NavinKadam > रायपुर > विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का करारा जवाब
रायपुर

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का करारा जवाब

अविश्वास नहीं, जनता के विश्वास का अपमान है विपक्ष का प्रस्ताव- सीएम साय, कहा- ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारकर जनता का विश्वास जीता

lochan Gupta
Last updated: July 19, 2026 12:02 am
By lochan Gupta July 19, 2026
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19 Min Read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया। ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है-क्या उन लगभग 25 लाख किसानों पर, जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ दिया? क्या उन 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों पर, जिन्हें महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की सम्मान राशि मिल रही है? या उन करोड़ों प्रदेशवासियों पर, जिन्होंने विकास, सुशासन और विश्वास की राजनीति को अपना समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है। जनता ने पाँच वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया। आज वही कांग्रेस जनता द्वारा चुनी गई सरकार पर अविश्वास जताकर अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक पराजय का परिचय दे रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार का ढाई वर्षों का प्रत्येक दिन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहा है। सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश प्रमुख वादों को पूरा किया है और विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई तथा दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 9,600 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढक़र लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गई है। केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिली है। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग, प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अनेक सेवाएँ गाँव में ही उपलब्ध हो रही हैं। हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व दोनों मजबूत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के भरोसे और सरकार के कार्यों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव स्वत: निरर्थक सिद्ध होगा। वित्तीय प्रबंधन पर कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था को कर्ज और वित्तीय अव्यवस्था की ओर धकेला। अनेक योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन उनके लिए बजट का प्रावधान तक नहीं किया गया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक कर, आबकारी, पंजीयन तथा खनिज राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार पर रोक, डिजिटल सुधार और पारदर्शी व्यवस्था के कारण राज्य की आय बढ़ी है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना विकास में किया जा रहा है। सरकार ने लंबित वित्तीय दायित्वों और राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रित कर राज्य की वित्तीय साख को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं की राजनीति नहीं करती, बल्कि परिणाम देने में विश्वास रखती है। सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास ही सरकार की कार्यशैली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद और विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है तथा विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उसी विश्वास के सामने टिक नहीं पाएगा।

ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अधोसंरचना में छत्तीसगढ़ ने रचा नया विकास अध्याय

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल वर्तमान की चुनौतियों का समाधान ही नहीं किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के दीर्घकालीन और समग्र विकास की मजबूत नींव भी रखी है। ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना के क्षेत्रों में बीते ढाई वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऊर्जा क्षेत्र गंभीर संकट से जूझ रहा था। भाजपा सरकार ने उत्पादन, पारेषण और वितरण—तीनों स्तरों पर दीर्घकालिक रणनीति अपनाई। राज्य में आयोजित एनर्जी समिट के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 500 से अधिक नए सोलर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों का बिजली बिल शून्य अथवा अत्यंत कम हो गया है। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ कर आम नागरिकों को राहत प्रदान की गई है। किसानों के लिए सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा कृषि विद्युत सब्सिडी में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिज संपदा का उपयोग केवल राजस्व अर्जन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय नागरिकों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय जिला खनिज न्यास में व्यापक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आईं, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने रिकॉर्ड 16 हजार 737 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है। खनिज ऑनलाइन 2.0 एवं डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू कर खनन क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। अब तक डीएमएफ के माध्यम से प्रदेश को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है, जिससे 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अवैध खनन के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा ड्रोन, जीपीएस और आरएफआईडी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के भविष्य के लिए आवश्यक क्रिटिकल एवं स्ट्रेटजिक मिनरल्स के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लीथियम सहित महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक की गई है। महासमुंद जिले में हीरे मिलने को उन्होंने प्रदेश की नई संभावनाओं का संकेत बताया। पर्यावरण संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। इसी सोच के साथ राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
डिजिटल अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुँचाने के लिए 829 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। भारतनेट फेज-3.0 के अंतर्गत लगभग 5,659 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने तबादला संस्कृति के कारण विद्यालयों की व्यवस्था को कमजोर किया। वर्तमान सरकार ने युक्तियुक्तकरण कर शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या का समाधान किया है। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ नाइलिट, निफ्ट और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसी संस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 91 प्रतिशत से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है तथा प्रत्येक परिवार के कम-से-कम एक सदस्य को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पाँच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहे हैं, जिससे प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढक़र 21 तथा एमबीबीएस सीटों की संख्या लगभग 2,900 हो जाएगी।
सहकारिता क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को नई ऊर्जा दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजऩ को धरातल पर उतारते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-केंद्रित सहकारिता व्यवस्था विकसित की जा रही है। अपने वक्तव्य के समापन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव तथ्यों, जनभावनाओं और प्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा आधार जनता का विश्वास है। यही विश्वास सरकार को सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास के बल पर छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई ऊँचाइयों की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।

आदिवासी विकास से नक्सलवाद के खात्मे तक, हर मोर्चे पर बदला छत्तीसगढ़ का भविष्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार ने वर्षों तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित रखा। उनकी सरकार ने जनजातीय अंचलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा—तीनों को साथ लेकर काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को पुन: प्रारंभ किया गया। वनाधिकार पत्रधारकों के नामांतरण जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर जनजातीय परिवारों को राहत दी गई। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से प्रदेश के 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 56 हजार 569 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) परिवारों तक आवास, सडक़, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जनजातीय अस्मिता और गौरव को सशक्त करने के लिए नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय विकसित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के मोर्चे पर राज्य ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दशकों पुरानी नक्सल समस्या निर्णायक रूप से कमजोर हुई है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद के समाधान के लिए कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई, जबकि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर समानांतर कार्य किया।
उन्होंने कहा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू कर कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में केवल पांच साइबर थाने खोले गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में नौ साइबर थाने स्थापित किए हैं और पांच नए साइबर थानों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।
युवाओं के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाशक्ति को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है। पुलिस विभाग में कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 4,174 पदों पर भर्ती हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने केवल ढाई वर्षों में लगभग 7,000 पदों पर भर्ती की है और आने वाले समय में 7,000 अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 22 हजार से अधिक युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री एआई मिशन प्रारंभ किया गया है तथा एनआईटी रायपुर और आईआईआईटी नवा रायपुर में दो अत्याधुनिक एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में ‘तबादला उद्योग’ फलता-फूलता रहा, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ। वर्तमान सरकार ने नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इससे प्रदेश में 1 लाख 74 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। वस्त्र उद्योग क्षेत्र में ही 42 हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे। राज्य के पहले गारमेंट उद्योग की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नई तकनीक और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित नीति तैयार कर रही है। राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अत्याधुनिक इकाई, देश का पहला एआई-सेज तथा पहला एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने योग्य बनाना है। सुशासन, निवेश, कौशल और नवाचार के समन्वय से प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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