सारंगढ़। जिले में अपु अधीक्षक श्रीमती निमिषा पांडे एवं एसडीओपी सारंगढ़ श्रीमती स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के समस्त थाना एवं चौकी से विवेचक व प्रशिक्षु उप निरीक्षकों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी श्रीमती विद्या जौहर के द्वारा दिया गया प्रशिक्षण के दौरान घटना स्थल से फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट को वैज्ञानिक तरीके से खोजने, सुरक्षित करने, विकसित करने एवं न्यायालयीन साक्ष्य के रूप में उपयोग करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही साथ के अंतर्गत फिंगरप्रिंट एवं अन्य जैविक नमूने लिए जाने संबंधी वैधानिक प्रावधानों पर जानकारी दी गई।राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली के प्रभावी उपयोग एवं डिजिटल माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की त्वरित पहचान की प्रक्रिया से भी अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिला पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान करना तथा न्यायालय में मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत करना है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे अपराधों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में सहायता मिलेगी। सारंगढ़- बिलाईगढ़ पुलिस आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है।



