खरसिया। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है, जिससे निगम का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है। बीज भंडारण, रखरखाव, लोडिंग-अनलोडिंग और किसानों तक बीज पहुंचाने की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
हड़ताली कर्मचारियों ने निगम के प्रबंध संचालक पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें श्रम सम्मान निधि के तहत हर माह 4000 रुपये की राशि दी जा रही थी, लेकिन पिछले कई महीनों से बिना किसी सरकारी आदेश, लिखित निर्देश या किसी आधिकारिक पत्र के इस राशि को मनमाने तरीके से रोक दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि जब इस संबंध में प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई बार ज्ञापन और मांग पत्र सौंपने के बावजूद एमडी स्तर पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।
कर्मचारियों ने कहा कि बीज निगम मुख्य रूप से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के श्रम से संचालित होता है, क्योंकि निगम में स्थायी अधिकारियों की कमी है और कई पदों पर कृषि विभाग से प्रतिनियुक्ति के आधार पर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एमडी अपना तानाशाही रवैया नहीं बदलते और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया जाता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी।
बीज निगम का काम पूरी तरह ठप, एमडी की तानाशाही से नाराज कर्मचारी हड़ताल पर



