रायगढ़. धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में शुक्रवार को सुबह एक हाथी शावक का घोघरा डैम में तैरता हुआ शव देखा गया। जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाल कर जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक घटना छाल रेंज के सिंझीझाप परिसर स्थित घोघरा डैम की है। जहां शुक्रवार की अलसुबह जब स्थानीय ग्रामीण तेंदूपत्ता तोडऩे के लिए जंगल की तरफ गए, तो उनकी नजर डैम के पानी में उतराते हुए एक हाथी के बच्चे (शावक) के शव पर पड़ी। यह नजारा देख ग्रामीण सहम गए और उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना ‘हाथी मित्र दल’ के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों को दी।
इससे वन अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दिया। वहीं बताया जा रहा है कि इस इलाके में बीते कुछ समय से हाथियों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। सिंझीझाप परिसर में पहले से ही 5 हाथियों का एक छोटा दल मौजूद था। इसी बीच 15 अन्य हाथियों का एक बड़ा झुंड भी वहां आ पहुंचा और दोनों दल आपस में मिल गए। इससे हाथियों की कुल संख्या 20 हो गई। बीती रात यह 20 हाथियों का विशाल दल इसी घोघरा डैम के आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा था। ऐसे में वन विभाग और स्थानीय लोगों के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि रात में हाथियों का यह दल घोघरा डैम में पानी पीने या नहाने के लिए उतरा होगा, इसी दौरान यह नन्हा शावक गहरे पानी में चलाया गया होगा, जिससे डूबने से उसकी मौत हुई होगी।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग की टीम ने शव को डैम से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया है, ऐसे में अब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं हाथियों के दल की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के गांव में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है, ताकि किसी तरह की जनहानि से बचा जा सके।
घोघरा डेम में डूबने से हाथी शावक का मौत
तेंदुपत्ता तोडऩे गए ग्रामीणों ने देखा शव



