सारंगढ़। जिले के ग्राम भीमसेनडीह में अब नशे के काले कारोबारियों की खैर नहीं है। गाँव की शांति और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे एक आदतन अपराधी के खिलाफ पूरी बस्ती ने मोर्चा खोल दिया है। अवैध शराब और गांजा तस्करी से तंग आकर ग्रामीणों ने न केवल आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा, बल्कि सामूहिक रूप से थाने का घेराव कर सिस्टम को भी चेतावनी दे डाली है।
समझाया तो दिखाया ठेंगा अब जेल भेजने पर अड़े ग्रामीण मिली जानकारी के अनुसार, गाँव का निवासी दिलीप जायसवाल लंबे समय से गाँव में गांजा और शराब की मंडी चला रहा था। ग्रामीणों ने नशा मुक्त गाँव के संकल्प के तहत उसे सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन आरोपी की गुंडागर्दी कम नहीं हुई। ग्रामीणों की चेतावनी को ठेंगा दिखाकर वह खुले आम मौत का सामान बेचता रहा, रात 8 बजे जब आक्रोशित ग्रामीण आरोपी के घर पहुँचे, तो वहाँ जो हुआ वह बेहद चौंकाने वाला था। ग्रामीणों का आरोप है कि – खुद को फंसता देख आरोपी और उसके परिवार की महिलाओं ने विक्टिम कार्ड खेलते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए। ग्रामीणों को झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी गई। यानी चोरी के बाद अब सीनाजोरी पर उतारू इस परिवार ने गाँव वालों को ही डराने की नाकाम कोशिश कियें।
थाना प्रभारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों का गुस्सा साफ झलक रहा है। उनका कहना है कि अगर इस बार भी नशे के इस कारोबारी पर कड़ी कार्यवाही नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे हमें गाँव की सुख-शांति चाहिए, ज़हर नहीं। जो लोग खुद के कपड़े फाडक़र निर्दोष ग्रामीणों को फंसाने का नाटक कर रहे हैं, उनका असली चेहरा बेनकाब हो चुका है आक्रोशित ग्रामीण ?प्रशासन की अग्नि परीक्षा फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। अब देखना यह है कि -पुलिस इन सफेद पोश अपराधियों व नशे के सौदागरों पर बुलडोजर जैसी सख्त कार्यवाही करती है या मामला केवल कागजों तक ही सीमित रह जाता है।
शराब के सौदागरों के खिलाफ भीमसेनडीह की ललकार
कपड़े फाडक़र ग्रामीणों को फंसाने की साजिश



