रायगढ़। अनंत ब्रम्हांड के महानायक, सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के सातवें अवतार करोड़ों हिंदूओं के आराध्य देव तीनों ब्रम्हांड में सर्वत्र पूजनीय जन – जन के आराध्य देव की जयंती श्री रामनवमी महापर्व का पावन त्योहार है और जन – जन को भगवान श्रीराम के प्रति अटूट आस्था भी है। वहीं नवमीं तिथि को माता भवानी के नौवें रुप की भी आराधना पूजा की जाती है। आज 27 मार्च को माता सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना व महाभंडारा के पश्चात करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं ने व शहरवासियों ने आराध्य देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामलला की पूजा शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजे से दोपहर 1:35 बजे तक श्रद्धा व उत्साह के साथ पूजा अर्चना केतकी के फूल, चंपा, मालती, कमल, गेंदा, गुलाब और कुंद के फूल, तुलसी, बिल्वपत्र, कुशा, शमी और भृंगराज के पत्ते व विभिन्न प्रकार के मिष्ठान्न भोग अर्पित व महाआरती, रामायण पाठ, माता सीता, हनुमान जी की पूजा कर अपने – अपने घर व मंदिरों में श्रीराम जन्मोत्सव को बड़ी श्रद्धा से मनाए और श्रद्धा के दीपों से अपने घर – द्वार को रौशन किए व समूचा अंचल प्रभु श्रीराम के जयकारे से गुंजित हो गया।
महापर्व है श्री रामनवमीं
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी का राम नवमीं का महा पर्व हमारे देश के अतिरिक्त विश्व के अनेक देशों में बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं पुराणों में उल्लेख है कि चैत्र मास की नवमी तिथि को भगवान विष्णु के अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म त्रेतायुग में अयोध्या के महाराजा दशरथ के यहां हुआ था।और उनके ज्येष्ठ सुपुत्र माना जाता है। यही कारण है कि इस पवित्र दिन को राम नवमीं महापर्व कहा जाता है और श्रद्धा व विधि विधान के साथ भगवान राम की पूजा अर्चना और रामायण का पाठ और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है और सभी तरह के रोग व कष्ट से मुक्ति मिलती है। वहीं शास्त्रों के मुताबिक इस दिन व्रत करने से ज्ञान, पवित्रता, बुद्धि, धैर्य शक्ति का विस्तार होता है और धन धान्य में वृद्धि भी होती है. साथ ही सभी ग्रह-नक्षत्रों का शुभ फल प्राप्त होता है और सभी कार्य भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से संपन्न होते हैं साथ ही मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। यही वजह है कि करोड़ों हिंदू श्रद्धालुगण आराध्य देव भगवान श्री राम जी की पूजा आराधना पवित्र मन व हृदय से पुलकित होकर करते हैं।
आदिवासी नृत्य के साथ मस्त झूमे लोग
कर्मा पार्टी, आदिवासी नृत्य ने हजारों लोगों को मुग्ध किया वे आदिवासी संस्कृति वेशभूषा में सजे थे और कर्मा के मधुर थाप संग निहाल होकर झूम रहे थे उनके साथ – साथ शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालुगण भी मस्त झूमे। हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इसी तरह इस बार शहर के हिंदू समाज द्वारा मनभावन झांकियां निकाली गई ।समाज की सभी झांकियों ने श्रद्धालुओं को हर्षित किया। वहीं तीन किलोमीटर तक की लंबी यादगार झांकियों ने महारिकार्ड भी बना दिया।
शानदार रही व्यवस्था
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह की अभिनव पहल से शोभायात्रा में शहर में 3 से 4 जगह एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी। जिसमें डॉक्टर्स और चिकित्सा दल मौजूद रहते हुए आपातकालीन समय में मोर्चा सम्हालने सजग रहे । इसी तरह नगर निगम की टीम भी शोभा यात्रा के साथ सफाई व्यवस्था में सक्रिय रही। वहीं ट्रैफिक पुलिस विभाग यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिए।
सौंदर्य की बिखरी रंगीन छटाएं
भगवान श्रीराम जी की जयंती श्रीराम जन्मोत्सव को शहरवासी अत्यंत श्रद्धा, उत्साह व भव्यता के साथ मनाते हैं। जिसकी ख्याति पूरे छत्तीसगढ़ में है। वहीं विगत 2014 से शहर के हिंदू समाज के श्रद्धालुगण इसे और भी भव्यता दे रहे हैं। इस बार भी श्रीराम नवमीं आयोजन समिति के सभी सदस्यगण व शहरवासी श्रीराम जन्मोत्सव की खुशी में पूरे शहर को खूबसूरत झालरों, तोरण, भगवा ध्वज, भगवान श्रीराम की प्रतिमा व फूलों के मनभावन हार से सजाए हैं। जिसकी खूबसूरती ने हर किसी के मन और हृदय को आकर्षित व आनंदित किया। श्रद्धालुओं को यह भान हुआ कि आज शहर में आराध्य देव प्रभु श्रीराम अवतरित हुए हैं।
हर उम्र के लोग हुए शामिल
शहर के ऐतिहासिक भव्य श्रीराम नवमी शोभा यात्रा में इस बार भी 54 समाज के लोगों की सहभागिता व 60 से अधिक बिरादरी और संगठनों के प्रतिनिधियों ने रामनवमी शोभायात्रा में शामिल होकर नव इतिहास बनाए। वहीं रायगढ़ के हर चौक-चौराहे को लाइटिंग और खूबसूरत तोरण से सजाया गया था जिसकी खूबसूरती देखते ही बनी। वहीं समूचा शहर भगवान श्री राम जी के जयकारे से गुंजायमान हो गया। मौसम का मिजाज में जरा सा परिवर्तन होने व हल्की बारीश व हवाएँ चलने के बावजूद भी लोगों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई। वहीं पूरी शोभा यात्रा के संग शहरवासी भाव विभोर होकर भगवान श्री राम के मधुर गीतों व जयकारे के साथ मस्त झूमते रहे और शहर श्रीराममय हो गया।
जगह – जगह पुष्प वर्षा और महाआरती
यादगार शोभा यात्रा के दौरान शहर के हर चौक चौराहों में ऐतिहासिक भव्य शोभायात्रा का पुष्प वर्षा और महाआरती की गई। इसी तरह शहर के विभिन्न स्थानों में शोभा यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं को शहर के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व व्यवसायियों ने नाश्ते, बिस्कुट, समोसे, शीतल शर्बत, ठंडाई, मिठाई, प्रसाद से आत्मीय स्वागत किया।
नटवर स्कूल मैदान से निकली शोभा यात्रा
शहरवासियों को भगवान श्रीराम की शोभा यात्रा का हृदय से इंतजार था और इस ऐतिहासिक यादगार मनभावन शोभा यात्रा में हिंदू समाज के हर उम्र के लोगों में खुशी साफ झलक रही थी। जैसे ही श्रीराम नवमीं आयोजन समिति द्वारा आयोजित ऐतिहासिक शोभा यात्रा की घड़ी करीब आई व शाम चार बजे के पूर्व से ही नटवर स्कूल मैदान में श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगी और देखते ही देखते भक्तों का अनंत जमावड़ा हो गया और समूचा शहर भगवान श्रीराम के नारे, मधुर गीत, ढ़ोल नगाड़े, आतिशबाजी व जय – जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान हो गया।
विधि विधान से हुई शस्त्र पूजा
भगवान श्रीराम शोभा यात्रा के नटवर स्कूल मैदान में विधि विधान से शस्त्र पूजा – अर्चना पं दुर्गेश दुबे के सानिध्य में की गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा से भाग लिया। वहीं पूजा – अर्चना व महाआरती के बाद नटवर स्कूल मैदान जय – जय श्रीराम के जयकारे से गुंजित हो गया। इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा निकली।
शोभा यात्रा का विशेष आकर्षण
वहीं इस बार की ऐतिहासिक भव्य श्रीराम नवमीं शोभा यात्रा में सबसे बड़ा आकर्षण पंजाब का पाइप बैंड, उड़ीसा का काला हांडी कटप्पा, सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, कोलकाता के कार्टून, आदिवासी नृत्य युवती महिला कर्मा, भालू झांकी डांस, भगवान शिव पार्वती व नंदी की जीवंत झांकी श्रीराधा कृष्ण का जीवंत नृत्य गीत सहित अनेक मनभावन झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रही जिसे देखकर शहरवासी अत्यंत ही हर्षित हो गए और कलाकारों की प्रस्तुति की सभी ने बेहद सराहना की।
सजग रहे पुलिस के जवान
शहर के नटवर स्कूल मैदान से निकली व रामलीला मैदान में समापन तक शोभायात्रा जिन सडक़ों पर निकली वहां और आसपास इलाके में सुबह से लेकर रात तक पुलिस के जवान सजग रहे। इसी तरह जिला और पुलिस प्रशासन के कर्मचारी से लेकर जिम्मेदार अफसर भी मॉनिटरिंग कर शांति व्यवस्था में अपना योगदान दिए। वहीं समिति के कार्यकर्ता भी सभी गतिविधियों पर मॉनिटरिंग करते रहे।
रात में हुई महाआरती और महाभंडारा
शहर के रामलीला मैदान में शोभा यात्रा में शामिल हुए सभी रामभक्तों के लिए महाभंडारा का आयोजन किया गया। जैसे ही शोभा यात्रा रामलीला मैदान पहुँची वहाँ भगवान श्रीराम की महाआरती की गई और जयकारे से स्थल गुंजित हो गया। इसके पश्चात सभी लोगों के लिए महाभंडारा शुरु हुआ जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने। वहीं 2026 के ऐतिहासिक व यादगार श्रीराम शोभा यात्रा के आयोजन को सफल बनाने में श्रीराम नवमीं आयोजन समिति, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व सभी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।




