सारंगढ़। कलेक्टर सभागार में जिला कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एफ आर निराला, डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, तहसीलदार प्रकाश पटेल, जायसवाल जी के साथ अन्य अधिकारी एवं पत्रकार जिसमें यशवंत सिंह ठाकुर, भरत अग्रवाल, राम किशोर दुबे, ओमकार केसरवानी, गोविंद बरेठा, राजेश यादव, योगेश कुर्रे, टंडन के साथ ही साथ अन्य पत्रकारों की उपस्थिति रही।फाइलेरिया को लेकर प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने दिया। फाइलेरिया क्या है? यह एक संक्रामक बीमारी है जो मच्छरों के काटने में फैलती है। इसे सामान्य भाषा में हाथीपाँव भी कहा जाता है। बीमारी कैसे फैलती है? संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो शरीर में फाइलेरिया के सूव्स कीटाणु माइक्रो फाइलेरिया छोड देता है। क्या फाइलेरिया वंशानुगत है? जी नहीं, यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में केवल मच्छर के काटने से फैलता है, यह जन्मजात या आनुवंशिक नहीं है। इसके मुख्य लक्षण क्या है? शुरु आत में बुखार, बदन में खुजली, या अंगों में सूजन हो सकती है। लंबे समय बाद हाथ, पैर या अंडकोष में भारी सूजन ॥4स्रह्म्शष्द्गद्यद्ग आ जाती है।
संक्रमित व्यक्ति को तुरंत पता चल जाता है? नहीं। इसके कीटाणु शरीर में 5 में 15 साल तक बिना किसी बड़े लक्षण के रह सकते हैं। जब लक्षण दिखते हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। कार्यक्रम, एमडीए क्या है? सामुहिक दवा वितरण अभियान (एमडीए), जिनमें सरकार प्रभावित क्षेत्रों में पूरी आबादी को फाइलेरिया बचाव की मुफ्त दवा खिलाती है। अभियान में कौन सी दवाएं दी जाती हैं? आमतौर पर ष्ठश्वष्ट ष्ठद्ब – द्गह्लद्ध4द्य – ष्ड्डह्म्ड्ढड्डद्वड्ड5द्बठ्ठद्ग और ्रद्यड्ढद्गठ्ठस्रड्ड5शद्यद्ग की गोली दी जाती हैं। कुछ क्षेत्रों में अब ढ्ढष्ठ्र (ढ्ढ1द्गह्म्द्वद्गष्ह्लद्बठ्ठ भी दी जा रही है। यह दवा किसे खानी चाहिए? 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी स्वस्थ व्यक्तियों को यह दवा खानी चाहिए। किसे यह दवा नहीं खानी चाहिए? 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे। गर्भवती महिलाएं, अति वृद्ध और बहुत अधिक बीमार व्यक्ति को। क्या खाली पेट दवा खा सकते हैं? नहीं यह दवा हमेशा कुछ खाने के बाद ही लेनी चाहिए। दवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही क्यों खायें? ताकि यह सुनिश्चिंत हो सके कि – आपने सही खुराक ली है व यदि कोई तत्काल समस्या हो, तो स्वास्थ्य कर्मी आप की मदद कर सके। क्या इन दवाओं के कोई साइड इफेक्ट्स हैं? स्वस्थ व्यक्ति पर इसका कोई असर नहीं होता। लेकिन जिनके शरीर में माइक्रो फाइलेरिया होते हैं, उन्हें मामूली चक्कर, उल्टी, सिर दर्द हो सकता है। दवा खाने बाद चक्कर आने का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि- दवा शरीर में मौजूद फाइलेरिया के कीटाणुओं को मार रही है। यह एक सकारात्मक संकेत है। अगर दवा खाने के बाद तबीयत बिगड़े तो क्या करें?
घवराएं नहीं। यह लक्षण स्वत: ठीक हो जाते हैं। अधिक समस्या होने पर स्वास्थ्य केंद्र या रैपिड रिस्पांस टीम से संपर्क करें। क्या यह दवा अन्य बीमारी की दवा के साथ ली जा सकती है? हाँ, सामान्यत: यह सुरक्षित है, लेकिन यदि आप किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे हैं, तो आबा कार्यकर्ता या डॉक्टर को जरूर बताए। प्रेस वार्ता के दौरान 30 पत्रकारों की उपस्थिति रही सभी नेअपने अपने हिसाब से प्रश्न कियें जिन प्रश्नों का उत्तर कलेक्टर डॉ. कन्नौजे और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ निराला ने दिया कार्यक्रम समापन के दौरान सभी को अल्पाहार कराया गया।
कलेक्टर कन्नौजे ने फाइलेरिया के संबंध में ली प्रेस वार्ता



