रायगढ़। जानकी काटजू द्वारा महापौर जीवर्धन चौहान पर लगाए गए आरोप को मिथ्या निराधार बताते हुए महिला पार्षद अन्नू सारथी, ज्योति यादव,संगीता यादव ने स्मरण कराया कि सीधे साधे सरल महापौर जीवर्धन पर भ्रष्टाचार का मिथ्या आरोप लगाने के पहले जानकी काटजू अपनी गिरेबा झांक ले। महापौर पति, कांग्रेस अध्यक्ष और एमआईसी (पार्षद) के साथ सफाई ठेके की राशि उदरस्थ करने वाली इस तिकड़ी की काली करतूत पूरा शहर का बच्चा- बच्चा जानता है। अपने कार्यकाल में विकास की एक ईंट नहीं रख पाने वाली काटजू के कार्यकाल में संजय कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार का टेंडर आबंटित हो चुका था लेकिन काम शुरू करने के पहले ठेकेदार से कमीशन की मांग किए जाने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका और यह राशि लेप्स ही गई। भ्रष्टाचार के संबंध में बात करने वाली जानकी की स्थिति नौ सौ चूहे खाकर हज को चली वाली स्थिति है। महिला पार्षदों ने जानकी काटजू पर आरोप लगाते हुए कहा उनके कार्यकाल में मोटी राशि लेकर मनपसंद ठेकेदारों को काम बांटे गए। जानकी काटजू की कारगुज़ारियों भ्रष्ट आचरण को लेकर उनकी ही पार्टी के पार्षदों ने सभापति की अगुवाई में मोर्चा खोलते हुए प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखा जिसे लेकर महापौर कक्ष में सार्वजनिक जूतम पैजर की नौबत आ गई थी। महिला पार्षदों ने जानकी काटजू के कार्यकाल को सवालों के कटघरे में खड़े करते हुए कहा उनके ही पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जो अपने पार्षदों का विश्वास नहीं जीत पाई वो भाजपा महापौर पर किस मुंह से लेन देन का आरोप लगा रही है।पार्षदों का विश्वास जितने के लिए अपने कार्यकाल के दौरान की गई काली कमाई की थैली का मुंह खोलने वाली जानकी को रायगढ़ की जनता ने बुरी तरह पराजित कर दिया। एक चाय वाले का निर्विवाद कार्यकाल शहर के जन चर्चा का विषय है। सायकल में भ्रमण करने वाले महापौर जीवर्धन स्वयं निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए देखे जा सकते है। रायगढ़ नगर में विकास कार्यों की बाढ़ देख जानकी काटजू को सपने में कमीशन नजर आ रहा होगा।



