खरसिया। कैलाश शर्मा। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता के दावों के बीच ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला खरसिया जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत चोढ़ा से सामने आया है, जहां सीसी रोड निर्माण के लिए स्वीकृत सरकारी राशि के आहरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और गबन का गंभीर आरोप लगा है। प्रदीप वैष्णव द्वारा सीएम हेल्पलाइन 1076 और एसडीएम से की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत खरसिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर जांच अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। ?सरपंच और उपसरपंच प्रतिनिधि पर गबन का आरोप लगाते हुए ?ग्राम चोढ़ा निवासी प्रदीप कुमार वैष्णव ने सीएम हेल्पलाइन और खरसिया एसडीएम को सौंपे शिकायत पत्र में बैंक स्टेटमेंट संलग्न कर पंचायत प्रतिनिधियों पर पद के दुरुपयोग और सरकारी धन की लूट का आरोप लगाया है। सरपंच राधेलाल राठिया एवं उपसरपंच प्रतिनिधि राज जुलाहा पर सार्वजनिक निर्माण कार्य की 3.20 लाख की राशि का निजी उपयोग (गबन) करने का आरोप।
प्रदीप वैष्णव की कड़ी कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार वैष्णव ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत दोषियों को तत्काल पद से पृथक करने (बर्खास्तगी) और गबन की गई राशि की वसूली की मांग की है। ?नियमों की अनदेखी और आंकड़ों में भारी झोल ?शिकायत से जुड़े दस्तावेजों में पंचायत खाते से राशि निकाले जाने के आंकड़ों और प्रक्रियाओं में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं
आहरण में विरोधाभास
मूल शिकायत में 2 जून 2026 को 1.70 लाख तथा 4 जून 2026 को 1.50 लाख कुल 3.20 लाख का अनधिकृत आहरण दर्शाया गया है। वहीं अन्य हस्तलिखित विवरण में चार अलग-अलग चेकों के जरिए कुल 7.20 लाख निकालने का उल्लेख है।
प्रक्रियात्मक धांधली
आरोप है कि शासन से सीसी रोड के लिए प्राप्त 7.20 लाख में से करीब 4 लाख का भुगतान ठेकेदार को करने के बाद, शेष राशि को बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव, बिना तकनीकी स्वीकृति और बिना वैध बिल-वाउचर के ही निकाल लिया गया।
सीईओ का कड़ा रुख 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले में मचे बवाल के बाद जनपद पंचायत खरसिया के सीईओ ने आदेश जारी करते हुए वरिष्ठ करारोपण अधिकारी एवं उप अभियंता को स्थल निरीक्षण और अभिलेखों की सूक्ष्मता से पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं।
निष्पक्ष जांच पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें
पंचायतों में हो रहे इस प्रकार के फर्जीवाड़ों से जहां एक तरफ विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। फिलहाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खरसिया के कड़े रुख के बाद अब सभी की नजरें 3 दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि गबन के इन संगीन आरोपों में कितनी सच्चाई है।



