रायगढ़। जिले के सभी विकासखंडों में आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोईंग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल का सेवन कराया गया। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से मुक्त रखते हुए उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र विकास में सुधार लाना है। कृमि संक्रमण से एनीमिया, कुपोषण, कमजोरी तथा बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यालय में उपस्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। नियमित कृमिनाशक दवा सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के साथ उनके शारीरिक एवं बौद्धिक विकास को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोईंग के अंतर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोईंग में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोईंग की सरपंच श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता ने की। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राठौर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक वैभव डियोडिया, प्राचार्य विष्णु प्रसाद मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से श्रीमती कविता कसेरा, एम.एल.टी., निर्मल प्रसाद, व्ही.बी.डी. टेक्निकल सुपरवाइजर, भावेश पांडे, पर्यवेक्षक, राजेश आचार्य, नेत्र सहायक अधिकारी, योगेश यादव, विकासखंड डाटा प्रबंधक तथा पवन प्रधान, विकासखंड लेखा प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी से विद्यालय और महाविद्यालय तक दवा सेवन की व्यवस्था
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय विद्यालयों, शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, मदरसों, निजी एवं अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षा संस्थानों, नर्सरी स्कूलों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम की गोली का सेवन कराया जा रहा है। 01 से 02 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम की आधी गोली चूरा अथवा पीसकर पानी में मिलाकर चम्मच से पिलाई जा रही है। 02 से 03 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पूरी गोली चूरा अथवा पीसकर पानी के साथ पिलाई जा रही है। वहीं 03 से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पूरी गोली चबाकर पानी के साथ सेवन कराई जा रही है। 05 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को संबंधित नोडल शिक्षकों के माध्यम से पूरी एक गोली चबाकर पानी के साथ सेवन कराया जा रहा है। दवा सेवन के दौरान संबंधित स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक अमला बच्चों की उपस्थिति तथा दवा सेवन की प्रक्रिया पर निगरानी रख रहा है।
17 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान किसी कारणवश दवा सेवन से छूट गए बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को दवा उपलब्ध कराने के लिए 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभियान के प्रथम चरण में छूटे हुए बच्चों को कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा अभियान के लाभ से वंचित न रहे। अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वच्छ भारत मिशन तथा मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले में अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के माध्यम से बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने के साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम और शैक्षणिक गतिविधियों में नियमित भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।



