रायगढ़। जिले में एसीबी ने छाल तहसील के क्लर्क को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। क्लर्क ने जमीन के रिकॉर्ड में नाम सुधार कराने के बदले कुल 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की और शुक्रवार को छाल तहसील कार्यालय में दबिश देकर 60 हजार रुपए लेते हुए आरोपी तुलाराम पटेल को गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल एसीबी टीम मामले की जांच कर रही है।
मामला तब सामने आया जब ग्राम धसकामुड़ा निवासी भानुप्रताप पटेल ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि उनकी परिचित कंचन बाई की जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज हो गया था और उसे ठीक कराने के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया गया था। इसी काम यानी नाम सुधार के बदले तहसील में पदस्थ बाबू तुलाराम पटेल ने 1 लाख रुपए की मांग की थी। लेकिन शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था।
भानुप्रताप ने क्लर्क को रंगे हाथों पर पकड़वाने का फैसला किया। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत शुक्रवार को शिकायतकर्ता को 60 हजार रुपए की पहली किश्त लेकर तहसील कार्यालय भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, एसीबी टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मौके से 60 हजार रुपए की रकम भी बरामद कर ली गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी मूल रूप से सहायक शिक्षक है, जो तहसील कार्यालय में बाबू के रूप में अटैच था। एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि ऐसी कार्रवाई की जा सके।
60 हजार रुपए रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार
बी-1 सुधार के नाम पर मांगा था एक लाख, छाल तहसील में एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा



