रायगढ़। जिले में एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन सट्टा के अवैध कारोबार से जुड़ आरोपियों पर लगातार हो रही सख्त कार्रवाई का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पुलिस की लगातार दबिश, गिरफ्तारी और तकनीकी जांच से बढ़े खौफ के बीच ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई पिता कन्हैया लाल हलवाई उम्र 43 साल निवासी चांदमारी रायगढ़ आज स्वयं पुलिस कार्यालय पहुंचा और गिरफ्तारी से बचने के बजाय रायगढ़ पुलिस के समक्ष सरेंडर करना उचित समझा।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पिंटू हलवाई ने एसएसपी के समक्ष अपराध से तौबा करते हुए मुख्यधारा से जुडक़र नया जीवन शुरू करने की इच्छा जताई। आरोपी ने स्वीकार किया कि पुलिस की लगातार कार्रवाई और उसके नेटवर्क से जुड़े साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह भयवश रायगढ़ छोडक़र उत्तराखंड भाग गया था। गिरफ्तारी के डर से उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, लेकिन रायगढ़ पुलिस की लगातार कार्रवाई और बढ़ते दबाव के कारण आखिरकार उसने स्वयं सामने आकर आत्मसमर्पण किया।
एसएसपी ने आरोपी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दोबारा किसी भी प्रकार के सट्टा, जुआ या अवैध कारोबार में शामिल पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ जिला बदर जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके बाद आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया।
थाना कोतवाली में दर्ज धारा 4, 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था। व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और यूपीआई के माध्यम से रकम का लेन-देन किया जाता था। आरोपी से नकदी 2000 रूपये की जप्ती की गई है।
सट्टा खाईवाल पिंटू हलवाई ने एसएसपी के सामने किया सरेंडर



