रायगढ़। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में पोस्टमॉर्टम में हुई देरी से परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को अलग-अलग मामलों में लाई गई चार डेडबॉडी मॉर्च्युरी कक्ष में रखी थीं, लेकिन शाम तक पोस्टमॉर्टम शुरू नहीं हो सका। परिजन कई घंटों तक बाहर बैठे डॉक्टरों का इंतजार करते रहे।
जानकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम के लिए शव खरसिया के तेलीकोट, तमनार, पुसौर के पुटकापुरी और एक अन्य गांव से लाए गए थे। नियमानुसार सभी शवों का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम होना था, लेकिन शाम 4 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। परिजन बार-बार अस्पताल स्टाफ से संपर्क करते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार करने को कहा जाता रहा।
मॉर्च्युरी के बाहर बैठे रहे परिजन
घंटों इंतजार के बाद कुछ परिजनों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि पहले ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है, ऊपर से पोस्टमॉर्टम में देरी ने उन्हें और परेशान कर दिया। आखिरकार देर शाम डॉक्टर पहुंचे। जिसके बाद एक-एक कर सभी शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया और आगे की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
परिजन बोले- लापरवाही से बढ़ी परेशानी
तेलीकोट से आए मृतक शंकर यादव (35) के परिजन गणेश्वर यादव ने बताया कि, शंकर ने 3 फरवरी को अज्ञात कारणों से जहर सेवन किया था। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन घंटों तक कोई डॉक्टर नहीं आया। जिससे चारों परिवारों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी।
पंचनामा समय पर नहीं पहुंचा- डीन
इस मामले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन संतोष कुमार ने बताया कि, उन्हें देरी की जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि पंचनामा समय पर नहीं पहुंचने की वजह से पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। अब सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।



