रायगढ़। कुंजारा से उड़ीसा की ओर तीन लोगों ने आठ नग मवेशियों को पैदल लेकर जा रहे थे, जिसकी सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मवेशियों को मुक्त कराया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपए बताई जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि तीन लोग कुंजारा क्षेत्र से गौवंश को पैदल उड़ीस की ओर लेकर जा रहे हैं। इससे थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हमराह स्टाफ के साथ लैलूंगा अटल चौक के पास घेराबंदी कर दी। इससे कुछ ही देर में पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर तीन व्यक्तियों को 08 नग गौवंशों को बेरहमी से ले जाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मायाराम नागवंशी पिता बघेलराम नागवंशी (45 वर्ष), सोहन यादव पिता ईश्वर यादव (47 वर्ष) तथा विद्याधर नागवंशी पिता जितेन्द्र राम (36 वर्ष) सभी निवासी थाना बागबहार जिला जशपुर का होना बताया। इससे पुलिस ने वैद्य दस्तावेज की मांग की तो उनके पास कोई कागजात नहीं मिले। इससे गवाओं के समक्ष आरोपियों के कब्जे से 8 नग गौवंश को छुड़ाते हुए उन्हें पानी और चारा की व्यवस्था कर सलखिया गौशाला में रहने की व्यवस्था कराई। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के तहत कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।
टीम में ये रहे शामिल
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक राम प्रसाद चौहान एवं आरक्षक चमार साय भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गौवंश तस्करों पर पुलिस की लगातार नजर रखी है और आम नागरिकों से अपील है कि यदि कहीं भी पशु तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़



