रायगढ़. जिले में सडक़ दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा एक ओर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रतिदिन सघन जांच कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने स्थानीय जिंदल वाहन पार्किंग परिसर में वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन, सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा उनसे बचाव के उपायों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में वाहन चालक उपस्थित रहे, जिन्हें सुरक्षित ड्राइविंग से भी अवगत कराया। वहीं थाना प्रभारी ने अपने संबोधन में कहा कि जिन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं, वहां वाहनों की संख्या भी ज्यादा रहती है, जिससे सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सडक़ दुर्घटना केवल एक व्यक्ति की जान नहीं लेती, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए जीवनभर का न भरने वाला शून्य छोड़ जाती है। वाहन चालक की एक छोटी-सी लापरवाही ही जीवनभर का पछतावा बना देती है। ऐसे में वाहन चालक नशे की हालत में वाहन न चलाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें तथा सीट बेल्ट सहित सभी यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। साथ ही सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर अनदेखा न करने की अपील करते हुए ‘राहवीर योजना’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई नागरिक सडक़ दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाने है तो शासन की राहवीर योजना के तहत उसे सम्मानित किया जाता है तथा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। यातायात नियमों का उल्लंघन न केवल कानून तोडऩा है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन को जोखिम में डालना भी है। ऐसे में लापरवाही, तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील है कि वे जिम्मेदार चालक बनें, यातायात नियमों का पालन करें और सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएँ, ताकि समय पर उपचार मिल सके और अनमोल जिंदगियाँ बचाई जा सकें।
सडक़ हादसे पर रोक लगाने मोटर व्हीकल एक्ट की जांच तेज



