जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं, मांगों और सुझावों के साथ उपस्थित हुए। जनदर्शन में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आवेदक की बात को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से जनदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने सडक़, पेयजल, बिजली आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कई समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास में ग्रामीण अंचलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सुविधाओं का विस्तार करने और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस जनदर्शन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मयाली नेचर कैंप में भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये है।
इस परियोजना का उद्देश्य मयाली, विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव पर्वत और बगीचा स्थित कैलाश गुफा को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मयाली की पहचान वर्षों से मधेश्वर महादेव के कारण रही है। अब इस विकास परियोजना से मयाली को एक संपूर्ण इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मयाली अब केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।
परियोजना के तहत मयाली क्षेत्र में 05 पर्यटक कॉटेज, रिसोर्ट, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट, लैंडस्केपिंग और पाथवे का निर्माण किया जाएगा। मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना से स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्हें टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मयाली नेचर कैंप में मुख्यमंत्री ने लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मयाली नेचर कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयं 10 रुपये का प्रवेश शुल्क अदा कर नियमों के पालन और समानता का संदेश दिया। यहां उन्होंने एटीवी स्पोर्ट्स बाइक, बैलून शूटिंग, आर्चरी शूटिंग, माउंटेन साइक्लिंग एवं वॉल क्लाइंबिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का शुभारंभ करते हुए स्वयं गतिविधियों में भाग लिया। वॉल क्लाइंबिंग में तेज सिंह एवं तेजल भगत द्वारा किए गए प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने सराहना की।



