रायगढ़। प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोह के एक और फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल की अवैध बिक्री के नेटवर्क का एक और महत्वपूर्ण सुराग पुलिस मिली है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार विगत 22 जनवरी को तमनार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक बिना नंबर के पल्सर मोटरसाइकिल से लैलूंगा की ओर से मिलूपारा की तरफ प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बिक्री के ले जा रहा है। इससे पुलिस ने टीम गठित कर मिलूपारा-कोडक़ेल मार्ग पर घेराबंदी कर दी, इससे कुछ ही देर में उक्त युवक बाइक से पहुंचा तो उसे रोककर पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम निलमणी गुप्ता पिता स्व. प्रेमलाल गुप्ता 30 वर्ष निवासी बिजना थाना तमनार बताया। इससे पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 36 पत्ते स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस (प्रत्येक पत्ता 8 कैप्सूल, कुल 288 कैप्सूल) बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि इनमें से 6 पत्ते उसके स्वयं के थे, जबकि शेष 30 पत्ते ग्राम लिबरा निवासी सुनील बेहरा के थे। उसने बताया कि सुनील बेहरा द्वारा लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर निवासी विकास यादव के फोनपे खाते में 6000 रुपये भेजकर ये कैप्सूल मंगाए गए थे, जिन्हें विकास यादव से प्राप्त कर चोरी-छिपे नशे के लिए बिक्री की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से करीब 3294 रुपये कीमत के कैप्सूल, घटना में प्रयुक्त बाइक (कीमत लगभग 95 हजार रुपये) तथा एक मोटोरोला मोबाइल जब्त किया। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत 1,18,284 रुपये बताई गई है। इससे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 21(सी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत निलमणी गुप्ता, कैप्सूल मंगाने वाले सुनील बेहरा ग्राम लिबरा तथा सप्लायर विकास यादव ग्राम राजपुर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
वहीं विवेचना के दौरान फरार चल रहे आरोपी सुनील बेहरा पिता प्रेम सागर निवासी ग्राम लिबरा को रविवार को तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के नेतृत्व में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथी निलमणी गुप्ता के साथ मिलकर नशीली दवा मंगवाकर चोरी-छिपे बिक्री करने की बात स्वीकार की। जिससे आरोपी सुनील बेहरा को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
नशीली कैप्सूल गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार
एनडीपीएसी एक्ट में आरोपी जेल दाखिल



