सारंगढ़-बिलाईगढ़। एक मां की आंखों के सामने उसके बेटे के साथ कथित मारपीट की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद सदमे में आई बुजुर्ग मां की तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मां की मौत के बाद अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल है आखिर इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने कब आएगी और दोषियों पर कब कार्रवाई होगी। मामला सारंगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छर्रा का बताया जा रहा है, जहां जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से परिवारों के बीच विवाद चलने की बात सामने आई है। पीडि़त पक्ष के अनुसार, पूर्व में भी मारपीट को लेकर शिकायत की गई थी और कथित तौर पर इससे संबंधित वीडियो भी सामने आया था।
11 सितंबर की घटना ने छीन ली मां
पीडि़त तुम्बकलाल मनहर के मुताबिक, 11 सितंबर को जमीन विवाद को लेकर उसके साथ कथित रूप से मारपीट हुई। इस दौरान उसकी मां ने बेटे को पिटते हुए देखा। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद बुजुर्ग महिला गहरे सदमे में चली गई और उसकी हालत लगातार बिगडऩे लगी। तुम्बकलाल अपनी मां को लेकर तत्काल मदद और उपचार के लिए पहुंचा। महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। जिस मां ने बेटे को बचपन से संभाला, उसी मां को खोने का दर्द अब बेटे की आंखों में साफ दिखाई दे रहा है।
मां की अर्थी के साथ इंसाफ की उम्मीद
मां की मौत के बाद परिवार ने नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस से संपर्क किया। पोस्टमार्टम के बाद पीडि़त पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई। अब परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों पर कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ जमीन का विवाद नहीं रह गया है। उन्होंने अपनी मां खोई है और अब उन्हें न्याय चाहिए।
एसपी सुनील शर्मा से परिवार को भरोसा
इस मामले में पीडि़त परिवार ने पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा से विशेष उम्मीद जताई है। परिवार का कहना है कि एसपी की संवेदनशील कार्यशैली और न्यायप्रिय दृष्टिकोण को देखते हुए उन्हें भरोसा है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। पीडि़त परिवार की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ जल्द और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें अपनी मां की मौत का न्याय मिल सके। एक मां वापस नहीं आ सकतीज् लेकिन उसके परिवार को न्याय मिल सकता है। अब पीडि़त परिवार की उम्मीद प्रशासन और पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी है।



