NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : सीएम साय
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायपुर > देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : सीएम साय
रायपुर

देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : सीएम साय

नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में विकास और समृद्धि का नया अध्याय : मुख्यमंत्री

lochan Gupta
Last updated: September 5, 2026 11:43 pm
By lochan Gupta September 5, 2026
Share
14 Min Read

बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार
सुरक्षा कैंप अब बन रहे ‘सेवा डेरा’, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रहीं अंतिम छोर तक
सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से छत्तीसगढ़ में खुल रहे औद्योगिक विकास और रोजगार के नए द्वार
सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और ्रढ्ढ के उपयोग से भविष्य के छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हो रही तैयार
मुख्यमंत्री श्री साय ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़ञ्च2047’ कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर। नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढक़र छत्तीसगढ़ अब विकास, सुशासन, निवेश और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। विकसित भारतञ्च2047 की यात्रा में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, युवा शक्ति और विकास की अपार संभावनाओं को जनकल्याण और आर्थिक समृद्धि में बदलने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में समाचार चैनल लाइव टाइम्स द्वारा आयोजित ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़ञ्च2047’ कार्यक्रम ‘एलटी एक्सचेंज’ में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान से लेकर बस्तर के विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, आवास, निवेश, सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की चर्चा नक्सलवाद की समस्या को लेकर अधिक होती थी, लेकिन आज यह तस्वीर तेजी से बदली है। नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के साथ विकास की नई संभावनाओं ने छत्तीसगढ़ के प्रति धारणा में सकारात्मक बदलाव लाया है। जल संचय के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल करना इसी बदलते छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से नक्सलवाद की समस्या को देखते-सुनते आए हैं। उनका गृह संभाग सरगुजा भी कभी नक्सलवाद से प्रभावित था और वहां नक्सल हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सरगुजा को नक्सलवाद से मुक्त कराने में सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर महत्वपूर्ण बैठक ली थी। उस समय देश में शेष नक्सलवाद का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था, जबकि शेष लगभग एक चौथाई हिस्सा पांच-छह अन्य राज्यों में था। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नई रणनीति और बेहतर समन्वय के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान शुरू किया गया। संयुक्त सुरक्षा प्रयासों को मजबूत किया गया और हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस तथा वीरता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो सफलता मिली है, उसके पीछे हमारे जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान है, जिसे छत्तीसगढ़ हमेशा याद रखेगा।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के साथ विकास को भी बनाया रणनीति का अभिन्न हिस्सा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की रणनीति शुरू से स्पष्ट थी कि नक्सलवाद का समाधान केवल सुरक्षा अभियानों से नहीं, बल्कि विकास और जनविश्वास से भी होगा। बस्तर की जनता लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रही। नक्सली नहीं चाहते थे कि अंदरूनी क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़, बिजली, पानी और शासन की योजनाएं पहुंचें। इसी सोच के साथ सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की। सुरक्षा कैंप स्थापित होने के साथ ही उनके आसपास के गांवों में सडक़, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं को तेजी से पहुंचाया गया। दूरस्थ अंचलों में पहली बार अनेक लोगों के राशन कार्ड बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई ग्रामीणों को राशन लेने के लिए आने-जाने में पांच दिन तक लग जाते थे। अब शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंच रहा है।

बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित आदिवासी अंचलों में स्थापित करना है। बस्तर में संचार और कनेक्टिविटी के साधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हो चुके स्कूलों को फिर से खोला गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की लौ दोबारा जल उठी है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के माध्यम से अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को शासन की आवश्यक सुविधाओं और योजनाओं से जोड़ रहे हैं। बस्तर के विकास में कृषि, पशुपालन, वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वनोपज के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और होमस्टे के लिए ऋण एवं सब्सिडी की व्यवस्था की जा रही है।

ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी, गीदम में मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में विकसित एजुकेशन हब की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का प्रावधान इस वर्ष के बजट में किया गया है। गीदम में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है कि आज बस्तर में गंभीर बीमारियों का भी इलाज संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को उनकी मातृभाषा में बेहतर ढंग से शिक्षा से जोडऩे के लिए प्राथमिक स्तर पर गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। सरकार बस्तर के विकास का मॉडल बाहर से थोपने के बजाय वहां के लोगों की जरूरत, संस्कृति और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में ‘नियद नेल्लानार 2.0’ का रोडमैप तैयार किया जा चुका है। अब सरकार विकास की इस प्रक्रिया को और व्यापक रूप देने जा रही है। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए इंद्रावती नदी पर देऊरगांव और मटनार परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 80 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोडऩे की दिशा में काम किया जा रहा है।

18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, प्रतिदिन बन रहे 1600 घर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पिछले दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हो चुका है और प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान केवल छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है।

महतारी वंदन से बहनों को मिला आर्थिक संबल

महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों की राशि प्रदान की जा चुकी है। गांव की महिला के लिए यह राशि उसके छोटे-छोटे आर्थिक निर्णयों में बड़ी भूमिका निभाती है। अनेक महिलाएं इसका उपयोग किराना दुकान, सिलाई मशीन तथा अन्य आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से कहा कि प्रदेश में कार्यक्रमों के दौरान जब बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने जीवन में आए बदलाव के अनुभव साझा करती हैं, तो यह उनके लिए अत्यंत संतोष और गर्व का क्षण होता है।

किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत किसान छोटे एवं सीमांत श्रेणी के हैं। सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आय बढ़ाने के साथ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है।

सुशासन और तकनीक से पारदर्शी हो रही शासन व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अब विकास के नए लक्ष्यों की ओर तेजी से कदम बढ़ाया है। प्रदेश का राजस्व बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी प्रशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ बनाया गया है। ई-फाइल प्रणाली लागू कर शासकीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। विभिन्न प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों के लिए सेवाएं अधिक सरल और सुगम बन रही हैं तथा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।

सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से बदल रही औद्योगिक तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण छत्तीसगढ़ को लगभग सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने जो एमओयू किए हैं, उनका क्रियान्वयन भी अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर जैसी भविष्य की तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट आकार ले रहे हैं। नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ में मेडिसिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रचुर खनिज संपदा, ऊर्जा, भूमि और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। नई औद्योगिक नीति ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। देश के चारों प्रमुख महानगरों में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित करने के साथ जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशकों से संवाद किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और निवेश संभावनाओं को सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि उसके माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार, आधुनिक तकनीक और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा करना है।

छत्तीसगढ़ में एआई मिशन, 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन पर काम किया जा रहा है। प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों और लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। शासन के विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भी एआई के उपयोग की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की गरीबी अथवा अशिक्षा का अनुचित लाभ उठाकर धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

विकसित भारत-2047 में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति, बस्तर में शांति और विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसान हित, औद्योगिक निवेश, तकनीक और पारदर्शी प्रशासन – इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए एक ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जो समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारतञ्च2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

You Might Also Like

बिजली बिल ज्यादा आने पर असिस्टेंट इंजीनियर से गाली-गालौज

अमृत काल में रखी गई विकसित छत्तीसगढ़ की नींव

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने किया पैदल मार्च

कोर्ट में महिला ने वकील पर किया हमला

रायपुर स्टेशन से बच्ची लेकर महिला फरार

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article जन्माष्टमी पर शराब बेचते कांग्रेस नेता-ढाबा संचालक गिरफ्तार
Next Article बंजर पड़ी जमीन में लहलहाई फसल, ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती से किसान ने कमाए 4.25 लाख रुपये

खबरें और भी है....

दही हांडी हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है : सीएम साय
झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में एनआईए कोर्ट ने सुनाया फैसला, 10 आरोपी पाए गए दोषी
2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस भूमि की जांच शुरू,… कॉलोनाइजरों पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन
चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर जशपुर से गिरफ्तार
कोड़ातराई में सवा करोड़ की लागत से बनेगा पीएम श्री स्कूल भवन

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
दही हांडी हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है : सीएम साय
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?