रायपुर। रेलवे स्टेशन के सामने सडक़ से एक 2 साल की बच्ची गायब हो गई। सीसीटीव्ही कैमरे में एक संदिग्ध महिला बच्ची को गोद में लेकर जाते हुए दिखाई दे रही है। इस मामले में परिवार ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस एफआईआर दर्ज कर बच्ची की तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, घटना 21 नवंबर की है। डोंगरगढ़ के रहने वाले प्रशांत भट्ट नाम का युवक पत्नी से झगडक़र अपनी बच्ची अंशिका को लेकर रायपुर पहुंचा था। नशे की हालत में वह रेलवे स्टेशन के पास भटक रहा था। इसी दौरान किसी ने उसकी बेटी को उठा लिया। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन 8 दिन बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला है।
सीसीटीव्ही फुटेज में रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में एक संदिग्ध महिला 4 बच्चों के साथ नजर आई है, जिनमें से एक के अंशिका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वही महिला अपहरण में शामिल है या नहीं। घटना स्थल गंज थाना क्षेत्र में होने से क्षेत्राधिकार को लेकर जीआरपी और गंज पुलिस के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जीआरपी थाना प्रभारी बी. एन. मिश्रा के अनुसार, बच्ची की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में बच्ची की मां वर्षा ठाकुर ने 24 नवंबर को जीआरपी रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 21 नवंबर को पति प्रशांत भट्ट घरेलू विवाद के दौरान मारपीट की। इसके बाद बेटी को लेकर घर से निकल गया था। अगले दिन उसने फोन कर बताया कि बेटी गायब है।
जब वह रायपुर पहुंची तो सीसीटीव्ही फुटेज में पति को बच्ची के साथ रेलवे स्टेशन से निकलते और बाद में सडक़ पर उसे नीचे उतारते देखा गया। इसके बाद से अंशिका का कोई पता नहीं चला है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि रेलवे स्टेशन परिसर से कई ष्टष्टञ्जङ्क कैमरे निर्माण कार्य के चलते हटा दिए गए हैं, जिससे जांच में कठिनाई आ रही है। बता दें कि जीआरपी रायपुर इससे पहले भी बच्चों के अपहरण में शामिल महिलाओं के एक गिरोह का भंडाफोड़ कर चुकी है। अब 2 साल की अंशिका का गायब होना एक बार फिर स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
रायपुर स्टेशन से बच्ची लेकर महिला फरार
पत्नी से झगड़ा के बाद बेटी को लेकर निकला था पति



