रायगढ़। जिले के तेतला की सडक़ पिछले कई सालों से बदहाल है। यह सडक़ क्षेत्र के लोगों को पुसौर ब्लॉक से जोड़ती है, लेकिन इसकी खराब हालत के कारण ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 5-6 साल से सडक़ की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है, लेकिन अब तक इसके सुधार के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
तेतला से पुसौर के बीच करीब 7 किलोमीटर की सडक़ कई जगहों पर पूरी तरह खराब हो चुकी है। सडक़ पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कत हो रही है। कई बार राहगीर गड्ढों में गिरकर घायल भी हो रहे हैं। इस सडक़ से केनसरा, बादीमाल, पुसल्दा, रुचिदा, जतरी, सेमीभंवर, कोटमरा समेत करीब 15 गांवों के लोग रोजाना पुसौर आना-जाना करते हैं। सडक़ की जर्जर हालत के कारण ग्रामीणों के लिए यह रास्ता परेशानी का कारण बन गया है।
नवाडीह, कर्राजोर और सारसमाल की ओर से स्कूली बच्चे पढ़ाई के लिए तेतला हाई स्कूल जाते हैं। सडक़ खराब होने के कारण उन्हें भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी के कारण समस्या और बढ़ जाती है।
ग्रामीण ने कीचड़ में रोपा धान
सडक़ की बदहाली के विरोध में एक ग्रामीण ने पिछले दिनों कीचड़ से भरी सडक़ पर धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीण ने सडक़ की खराब स्थिति की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह विरोध जताया। गांव की सरपंच पार्वती गुप्ता ने बताया कि सडक़ पिछले करीब 5-6 साल से अधिक समय से खराब है। सडक़ निर्माण के लिए कंपनी के सीएसआर मद से राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की जा चुकी है। इसके अलावा खरसिया विधायक और पुसौर जनपद के अधिकारियों को भी सडक़ की स्थिति से अवगत कराकर निर्माण और मरम्मत की मांग की गई है। इसके बावजूद अब तक सडक़ का निर्माण या मरम्मत नहीं हो सकी है।
5-6 साल से जर्जर तेतला-पुसौर सडक़, शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार, स्कूली बच्चों को भी परेशानी



