रायगढ़। हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के दो और फरार आरोपियों को जूटमिल पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
उल्लेखनीय है कि विगत 3 फरवरी को अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने एनएच-49 किनारे एक सफेद स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। वाहन का चालक और उसमें सवार लोग मौके से फरार थे। जूटमिल पुलिस ने स्कॉर्पियो की पड़ताल की तो अंदर 10 लीटर डीजल से भरी प्लास्टिक जरीकेन, करीब 2 मीटर लंबा प्लास्टिक पाइप, लोहे का सब्बल, दो मोबाइल तथा अलग-अलग पंजीयन नंबर वाली नंबर प्लेट मिलीं। जांच में सामने आया कि वाहन पर फर्जी अंकित था। वाहन के अंदर मिली नंबर प्लेट के आधार पर जांच करने पर स्कॉर्पियो वाहन मधुर निर्मलकर निवासी तुलसीनगर, कोरबा के नाम पंजीकृत मिला, जो 30 दिसंबर 2025 को पुरुषोत्तम यादव निवासी बगडबरी, जांजगीर-चांपा को मासिक किराये पर दिया गया था। विवेचना के दौरान संदीप कुमार डहरिया (34 वर्ष) और सुनील कुमार केवट (30 वर्ष) ने बताया कि मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव के कहने पर उन्होंने स्कॉर्पियो की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। इसके बाद संदीप, सुनील, शिव कुमार रजक (40 वर्ष़) और कुलदीप कुमार साण्डे (29 वर्ष) ने रायगढ़ आकर हाईवे पर खड़े ट्रेलर से डीजल चोरी की। आरोपियों ने ट्रेलर की डीजल टंकी का लॉक तोडकऱ डीजल निकालना शुरू किया। इसी दौरान ट्रेलर चालक के जागने और शोर मचाने पर सभी आरोपी स्कॉर्पियो से तेजी से भागने लगे। भागने के दौरान स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एनएच-49 किनारे पलट गई और आरोपी वाहन को मौके पर छोडकऱ फरार हो गए। इस मामले में पहले सुनील कुमार केवट और संदीप कुमार डहरिया को 12 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। अब फरार आरोपी शिव कुमार रजक और कुलदीप कुमार साण्डे को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया। मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव (48 वर्ष, प्रौढ़) पहले से बिलासपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध है। जूटमिल पुलिस ने न्यायालय से उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति प्राप्त कर प्रोडक्शन वारंट हासिल किया है। उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल से रायगढ़ लाकर पूछताछ एवं आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
एनएच पर डीजल चोर गिरोह के दो और आरोपी गिरफ्तार



