अधिकांश वक्ताओं ने परियोजना के समर्थन में अपने विचार रखते हुए रोजगार, औद्योगिक विकास एवं क्षेत्रीय प्रगति पर जोर दिया
रायगढ़। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (सीईसीबी) द्वारा आयोजित अदाणी पावर लिमिटेड, रायगढ़ की प्रस्तावित फेस-3 (2म800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजक्ट के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई आज ग्राम सुपा, तहसील पुसौर में भारी उत्साह, व्यापक जनभागीदारी एवं सकारात्मक वातावरण के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। परियोजना प्रभावित 29 ग्राम पंचायतों से आए लगभग 1000 ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई में भाग लिया। जनसुनवाई के दौरान अधिकांश वक्ताओं ने परियोजना के समर्थन में अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 14 सितंबर 2006 (यथा संशोधित) के प्रावधानों के तहत आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (्रष्ठरू) श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (सीईसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री मानवेंद्र शेखर पाण्डेय की उपस्थिति में जनसुनवाई की संपूर्ण कार्यवाही निर्धारित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम), रायगढ़ श्री महेश शर्मा तथा सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर. के. भी मंचासीन रहे। संपूर्ण प्रक्रिया प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की निगरानी में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। जनसुनवाई के दौरान अदाणी पावर लिमिटेड के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने फेस-3 विस्तार परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। परियोजना में अपनाई जाने वाली इट्रा क्रिटिकल टेक्रोलॉजी पर्यावरण संरक्षण उपायों, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल संरक्षण, फ्लाई ऐश प्रबंधन, हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण प्रबंधन योजना (ईएमपी) के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने ग्रामीणों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों, सुझावों एवं जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक एवं संतोषजनक उत्तर दिया।
अपने विचार व्यक्त करते हुए अनेक ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय व्यापार एवं परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
इस अवसर पर बरपाली के सरपंच श्री संजय मैत्री, मिरौनी की सरपंच श्रीमती मीना पटेल, सेमरा के सरपंच श्री गुलाबराम डनसेना, घुघुवा के सरपंच श्री जगन्नाथ चौहान, सरवानी के श्री फणीन्द्र सिदार, अमलीभौना के श्री ओसराम सिदार, सुपा के सरपंच श्री अनिरुद्ध सिदार तथा बूंगा के उपसरपंच श्री दीनबंधु सिदार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं विचार रखे तथा क्षेत्र के विकास, रोजगार एवं जनकल्याण से जुड़ी अपेक्षाएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि अदाणी पावर लिमिटेड एवं अदाणी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पेयजल, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से आसपास के गांवों में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि क्कद्धड्डह्यद्ग-ढ्ढढ्ढढ्ढ विस्तार परियोजना के साथ विकास एवं जनकल्याण की ये पहलें और अधिक व्यापक होंगी।
अदाणी पावर लिमिटेड ने पुन: आश्वस्त किया कि परियोजना के सभी कार्य भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरणीय मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण पालन करते हुए किए जाएंगे। कंपनी ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, स्थानीय रोजगार, कौशल विकास तथा आसपास के गांवों के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संपूर्ण जनसुनवाई प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की निगरानी में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। उत्साहपूर्ण जनभागीदारी, अधिकांश वक्ताओं द्वारा व्यक्त सकारात्मक समर्थन तथा विकासोन्मुख संवाद ने इस जनसुनवाई को परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण एवं सफल चरण बना दिया।



