गांव-गांव पहुंचकर कृषि भूमि की उर्वरता और पोषक तत्वों की स्थिति का लिया फीडबैक
वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने में मृदा स्वास्थ्य कार्ड को बताया महत्वपूर्ण आधार
रायगढ़। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित कृषि आर्थिक अनुसंधान केन्द्र, जबलपुर (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की विशेषज्ञ टीम ने बीते 9 एवं 10 जुलाई को दो दिवसीय रायगढ़ जिले का दौरा कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के क्रियान्वयन और उसके प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन किया। इस दौरान टीम ने जिले के ग्राम गोपालपुर, भगोरा, पाली, बायंग, नवरंगपुर एवं धनागर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया और मिट्टी परीक्षण कार्ड की वर्तमान स्थिति तथा उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की।
उप संचालक कृषि ने बताया कि दौरे के दौरान विशेषज्ञ दल ने किसानों से चर्चा कर यह जाना कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से प्राप्त जानकारी का उपयोग वे अपनी खेती में किस प्रकार कर रहे हैं तथा इससे उत्पादन लागत एवं फसल उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ा है। टीम ने किसानों को मृदा परीक्षण में शामिल प्रमुख पोषक तत्वों जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश सहित अन्य सूक्ष्म एवं आवश्यक पोषक तत्वों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अध्ययन दल ने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग न केवल खेती की लागत को कम करता है बल्कि भूमि की उर्वरता को बनाए रखने और फसल उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही उर्वरकों और पोषक तत्वों का उपयोग करने की सलाह दी गई, जिससे वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिल सके। रायगढ़ जिले के किसानों की कृषि भूमि के मिट्टी परीक्षण की सुविधा के लिए पटेलपाली स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला संचालित की जा रही है, जहां किसानों की भूमि के नमूनों का परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। इस पहल से जिले के किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
निरीक्षण दल में अनुसंधान अधिकारी डॉ. राजेन्द्र सिंह बरेलिया, डॉ. प्रेम रतन पाण्डेय एवं श्री अखिलेश कुरील शामिल थे। वहीं इस अध्ययन एवं निरीक्षण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में कृषि विभाग के श्री अभिषेक पटेल एवं श्री संजय सिदार सहित अन्य अधिकारियों और मैदानी अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ग्राम स्तर पर भी कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्राम गोपालपुर में श्रीमती रंजीता पैंकरा, ग्राम भगोरा में श्री सुशील चौरसिया, ग्राम पाली में श्रीमती जमीमा एक्का, ग्राम बायंग में श्री विकास साहू, ग्राम नवरंगपुर में श्री दयाशंकर नायक तथा ग्राम धनागर में श्रीमती योगेश्वरी पटेल ने किसानों और अध्ययन दल के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक पोषण स्थिति की जानकारी मिल रही है, जिससे वे आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।



