रायगढ़। शहर के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा केंद्र, किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में नियमों को ताक पर रखकर किए गए एक बड़े घोटाले और भारी वित्तीय अनियमितता का मामला गरमा गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा शासकीय क्रय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी पारदर्शिता के एयर कंडीशनर (एसी), कुर्सियां, वॉटर कूलर व अन्य सामग्रियां सीधे मंगवा ली गईं। इस पूरी खऱीद प्रक्रिया की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज की आधिकारिक ‘क्रय समिति’ को इस बात की भनक तक नहीं है, जबकि नियमानुसार महाविद्यालय में किसी भी प्रकार की सामग्री का आगमन क्रय समिति के सदस्यों के सत्यापन और हस्ताक्षर के बिना नहीं हो सकता।
इस पूरे मामले पर जब सवाल उठाए गए, तो कॉलेज के प्राचार्य ने यह अजीबोगरीब दलील दी कि उन्होंने सीधे स्थानीय दुकानदारों से कोटेशन मंगवाकर कम कीमतों पर यह सामान खऱीदा है। परंतु, जब इस दावे की जमीनी हकीकत जांची गई, तो एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जिन दुकानदारों के नाम पर कोटेशन जमा किए गए हैं, स्वयं उन दुकानदारों को इस बात की कोई जानकारी ही नहीं है कि उनकी दुकान के नाम से कोई कोटेशन कॉलेज प्रशासन को भेजा भी गया है। दुकानदारों की इस अनभिज्ञता ने यह साफ कर दिया है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा फर्मों के नाम पर फर्जी और कूटरचित कोटेशन तैयार कर फाइलों को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में इस पूरी खऱीदी का कोई भी वैध और प्रामाणिक बिल न तो कॉलेज के रिकॉर्ड में है, न क्रय समिति के पास है और न ही इसकी कोई एंट्री सरकारी नियमों के तहत अनिवार्य ‘जेम पोर्टल’ पर मौजूद है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री रुचि मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि ‘किरोड़ीमल कॉलेज में पिछले कुछ समय से भारी अपारदर्शिता और तानाशाही का माहौल है। हाल ही में नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर ?2 लाख से अधिक के सामान की सीधे तौर पर अवैध खऱीदी की गई, जिसमें अनिवार्य जेम पोर्टल की प्रक्रिया को जानबूझकर बाईपास किया गया। अगर पूरे चालू सत्र की बात की जाए, तो अब तक महाविद्यालय में लगभग 82 लाख की भारी-भरकम राशि का सामान मंगवाया जा चुका है। बेहद गंभीर बात यह है कि इस ?82 लाख के खर्च और सामग्री का कोई भी वैध हिसाब-किताब न तो कॉलेज प्रशासन दे पा रहा है और न ही क्रय समिति के पास इसका कोई ब्योरा है। दुकानदारों के नाम पर फर्जी कोटेशन बनाना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। विद्यार्थी परिषद इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग करती है, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डिग्री कालेज में सामान खरीदी में घोटाला, एवीव्हीपी ने लगाया आरोप



