रायगढ़। शहर में संचालित बाबा ट्रेवल्स एजेंसी द्वारा दिगर प्रांत के लोगों का फर्जी दस्तावेज तैयार कर छत्तीसगढ़ का निवासी दर्शाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जा रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने छापामार कार्रवाई करत हुए जारी की गई 180 लाईसेंस की दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार विगत 11 जून को पुलिस को लिखित शिकायत मिली थी कि स्थानीय बाबा ट्रेवल्स नामक संस्था/एजेंसी कथित रूप से ओडिशा एवं अन्य राज्यों के निवासियों के लिए फर्जी एवं भ्रामक दस्तावेज तैयार कर उन्हें रायगढ़, छत्तीसगढ़ का निवासी दर्शाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रही है। जिससे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा एवं यातायात उप पुलिस अधीक्षक उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में आरटीओ एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने बाबा ट्रेवल्स में दबिश दी। जहां जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों में कई आवेदकों के पते समान पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि बाहरी राज्यों के आवेदकों के लिए स्थानीय स्तर पर किरायानामा एवं शपथ-पत्र तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दर्शाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कराया गया। साथ ही कुछ मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया के तहत निर्धारित परीक्षण में वास्तविक आवेदक के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को शामिल कर परीक्षण दिलाए जाने के बाद लाइसेंस जारी कराए गए हो सकते हैं। इससे जांच टीम लगभग 180 लाइसेंसधारकों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच एवं सत्यापन कर रही है। वहीं पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से दस्तावेजों, निवास प्रमाणों एवं लाइसेंस प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कर रहे हैं। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन अथवा फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित व्यक्तियों एवं संलिप्त एजेंसियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हो रहे लगातार सडक़ हादसों की रोकथाम को लेकर विगत 17 अप्रैल को नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। जिसमें पुलिस, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर समय-समय पर संयुक्त जांच एवं कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ नवसीखिया चालक हेवी वाहन चलाने के लिए लाइसेंस जारी कर वाहन चला रहे हैं, जिसके चलते हदसे बढ़ रहे है। इसको लेकर पुलिस लगातार नजर बनाई हुई थी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना और उसका उपयोग करना सडक़ सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शशि मोहन सिंह, एसएसपी रायगढ़
फर्जी दस्तावेज के आधार पर बन रहे थे ड्राइविंग लाइसेंस
बाबा ट्रैवल्स पर पुलिस की दबिश, जांच शुरू, 180 लाइसेंसधारक जांच के घेरे में



