रायगढ़। गुरु पूर्णिमा के दिन बनोरा की पावन धरती आज एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा के अदभुत संगम की गवाह बनी। अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा में सुबह से ही अघोरा नाम परों मंत्रम नास्ती तत्वं गुरो: परम के मंत्रोच्चार गूंजने लगे और दूर-दूर से आए भक्तों की भीड़ ने बनोरा की धरती भक्तिमय हो गई। राजनीतिक, सामाजिक, औद्योगिक धार्मिक, व्यापारिक मीडिया जगत से जुड़े पदाधिकारियों सहित जनता देश के विभिन्न राज्यों प्रदेश के अधिकांश भक्तों ने गुरु बाबा प्रियदर्शी राम जी का आशीर्वाद हासिल किया। आज अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा में जाति, धर्म और दल की सीमाएं मिट गईं और सब लोग श्रद्धापूर्वक कतार बद्ध होकर गुरु चरणों में शीश नवाते नजर आए।
सीएम साय व वित्तमंत्री चौधरी से लेकर भक्तजनों ने टेका माथा
गुरु पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विधायक रायगढ़ वित्त मंत्री ओपी चौधरी बनोरा पहुंचे। उन्होंने उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी को माला अर्पित कर चरण स्पर्श किया और आशीर्वाद लिया। सीएम साय ने कहा,अघोर गुरुपीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र नहीं है। समाजसेवा, शिक्षा और चिकित्सा के माध्यम से यह राष्ट्र निर्माण में भी सतत योगदान दे रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा पूज्य बाबा जी के आशीर्वचन समाजिक बदलाव का शशक्त माध्यम बन रहे है। शिक्षा चिकित्सा के क्षेत्र में संस्था के कार्य सराहनीय है। महापौर जीवर्धन चौहान ने गुरु दर्शन कर शीश नवाते हुए कहा बाबा जी का जीवन लोक कल्याण मानव कल्याण के लिए समर्पित है। बाबा जी से सेवा हेतु सदा मार्गदर्शन मिलता है। कलेक्टर पुलिस अधीक्षक सहित सभी दलों के जनप्रतिनिधियों नगर निगम में भाजपा कांग्रेस से जुड़े पार्षदों कांग्रेस संगठन से जुड़े कद्दावर नेताओं ने भी गुरु दर्शन कर आशीर्वाद लिया।सारंगढ़ पूर्व विधायिका पद्मा मनहर ने भी बाबा के यहां शीश नवाया।
गुरु प्रदेश बना छत्तीसगढ़
ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली के कोलकाता, रेणुकूट, वाराणसी, सिंगरौली, हाजीपुर, रांची, पटना, गढ़वा, बोकारो से आए हजारों भक्तों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरिया, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, शक्ति, सारंगढ़- बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, अंबिकापुर, रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, कबीरधाम, बालोद, खैरागढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों से भी अनुयायी पहुंचे। रायगढ़ में इस गुरु शिष्य मिलन की परम्परा की छत्तीसगढ़ को गुरु प्रदेश बनने का गौरव हासिल हुआ।
गुरु शिष्य मिलन का गवाह बना ग्राम बनोरा
गुरु पूर्णिमा के दिन प्रात: 7 बजे शक्तिपीठ ध्वज पूजन और सप्तशती पाठ से निर्धारित कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इसके बाद गुरुचरण पादुका पूजन, हवन, सामूहिक आरती और गुरुगीता पाठ हुआ। सुबह 9.15 से दोपहर 12.30 तक हजारों की संख्या में आए शिष्यों बाबा प्रियदर्शी राम जी के दर्शन का लाभ मिला। बनोरा आश्रम में आज दिन बिलासपुर से आए स्वर तरंग संस्था की 8 सदस्यीय टीम ने भजन की शानदार प्रस्तुति दी। दर्शन के बाद अपरान्ह 12 से 4.00 बजे तक प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। डभरा से आई ढाई सौ लोगों की टीम ने महिलाओं पुरुषों को पंगत में प्रसाद वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सहित जनप्रतिनिधियों ने भी साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।इसके बाद सूबे के मुखिया विष्णु साय वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने निर्माणाधीन अंग्रेजी मीडियम स्कूल का जायजा लिया । शाम 4.45 बजे बाबा के श्रीमुख से सत्संग की अमृत वर्षा हुई, जिसे हजारों बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे मनोयोग से सुना।
बनोरा आश्रम में सीएम साय ने श्रद्धालुओं के संग पंगत में किया प्रसाद ग्रहण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचकर गुरु के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किए। इस दौरान उन्होंने अपनी सादगी और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था का परिचय देते हुए गुरु दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय और सहज व्यवहार उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के साथ समान भाव से बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सामाजिक समरसता, सेवा और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के मूल्यों को सशक्त संदेश दिया।
तीन दशक पहले रखी गई थी बनोरा अघोर गुरु पीठ की नींव

जिले के पूर्वांचल में स्थित ग्राम बनोरा आज आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ मानव सेवा और समाज कल्याण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ के बीजारोपण और उसके विस्तार में बनोरा अघोर गुरु पीठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। करीब तीन दशक पहले पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से ग्राम बनोरा में अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी।
स्थापना के बाद से ही यह ट्रस्ट आध्यात्मिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। अघोरेश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास और मानव कल्याण की व्यापक अवधारणाओं को आगे बढ़ाया। उनकी इसी विचारधारा को बाबा प्रियदर्शी राम जी ने आगे बढ़ाते हुए बनोरा को सेवा, साधना और संस्कारों का केंद्र बनाया। बनोरा से शुरू हुई यह सेवा परंपरा धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंची। बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में बनोरा से जुड़ी विभिन्न शाखाओं एवं अन्य प्रांतों में भी मानव सेवा की गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं।
शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के माध्यम से समाज कल्याण में अहम योगदान
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा और इससे जुड़ी शाखाएं आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर मानव सेवा को अपनी कार्यप्रणाली का प्रमुख आधार बनाए हुए हैं। आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद, बेसहारा और वंचित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाती हैं। शिक्षा, चिकित्सा और आध्यात्मिक संस्कारों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग देने का कार्य लगातार किया जा रहा है। ट्रस्ट से जुड़ी संस्थाएं लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से जोडऩे के साथ ही मानवीय मूल्यों, सेवा भावना और संस्कारों के विकास में भी योगदान दे रही हैं। जरूरतमंदों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
दिव्यांगजनों में भी रहा गुरु दर्शन का उत्साह

गुरु दर्शन के लिए महिलाएं पुरुषों बुजुर्गों युवाओं बच्चों में उत्साह रहा वही दिव्यांगजनों में भी गुरु दर्शन के लिए अपार उत्साह रहा। व्हील चेयर में सवार होकर दिव्यांग जनों ने गुरु दर्शन का लाभ लिया।
पार्किंग, बेरीकेट्स सहित चाक-चौबंद रही व्यवस्था
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर लिए किए श्रमदान से सफाई, वाटरप्रूफ टेंट, बैरिकेड्स, वाहन पार्किंग, प्रवेश द्वार पर पुलिस कैंप और नगर निगम, विद्युत विभाग व ग्रामवासियों के सहयोग से सुगम व्यवस्था की गई ताकि भीड़ की वजह से भक्तों को परेशानी का सामना ना करना पड़े । पार्किंग के बाद आश्रम तक पैदल आने वाले भक्तों की सुविधा के मद्देनजर बैटरी ऑटो की व्यवस्था की गई थी जो पार्किंग स्थल से आश्रम के मुख्य गेट तक भक्तों को लाने के जाने का कार्य बखूबी से कर रही थी।आश्रम में बाहर मेले जैसा दृश्य दृष्टिगोचर हो रहा था। वर्षा ऋतु को मद्देनजर वाटर प्रूफ टेंट की समुचित व्यवस्था की गई थी वही भोजन दर्शन सहित सभी जगहों में महिलाओं पुरुषों के लिए पृथक बेरिकेट्स लगाए गए थे।
आश्रम प्रबंधन ने जताया आभार
प्रबंधन की ओर से आयोजन में आए समस्त धर्म बंधुओं के प्रति आभार जताते हुए कहा आयोजन के लिए प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन,नगर निगम विद्युत विभाग के प्रति विशेष आभार जताया है।
सीएम साय ने कैलाशपति धाम में किया जलाभिषेक

सावन माह के पावन आगमन की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम-पंडरीपानी स्थित प्रसिद्ध कैलाशपति धाम मनकामेश्वर शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान मनकामेश्वर महादेव के दर्शन कर शिवलिंग पर जल अर्पित किया और जलाभिषेक करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और विकास के साथ प्रदेश के सभी नागरिकों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, सौहार्द और समृद्धि बनी रहने तथा जन-जन के जीवन में सुख-समृद्धि आने की प्रार्थना की। सावन माह के प्रारंभ होने से पहले भगवान शिव की आराधना के इस अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, श्री विवेक रंजन सिन्हा एवं श्री पवन शर्मा, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह
मुख्यमंत्री के कैलाशपति धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। सावन माह की शुरुआत से पहले भगवान मनकामेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर में भक्तिमय माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कैलाशपति धाम मनकामेश्वर शिव मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन माह भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है।
सीएम साय ने सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित श्री सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



