खरसिया। नगर में पेयजल की लगातार विकराल होती समस्या और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर जन-आक्रोश फूट पड़ा है। आम जनता की मूलभूत आवश्यकता और पानी की भारी किल्लत को देखते हुए खरसिया कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के कुशल नेतृत्त्व में खाली मटके लेकर शहर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें ब्लाक कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष मनोज गवेल, नगर पालिका खरसिया के पार्षद राम शर्मा, विनोद लाला राठौर, श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा ग्रामीण और शहर कांग्रेस के कांग्रेस, और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंत में नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती नीतू अग्रवाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
वार्डों में त्राहि-त्राहि, 8 टैंकर नाकाफी
सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने नगर के लगभग सभी 18 वार्डों की सूची सौंपकर पेयजल की बदतर स्थिति को उजागर किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वार्ड नं. 01 नया मोहल्ला, वार्ड नं. 02 शीतला माता मंदिर, गोड़ मोहल्ला, सिदार पारा, पंचवटी होटल के पीछे, वार्ड नं. 03, 04 हाजी कॉलोनी, दर्जी मोहल्ला सहित वार्ड 6, 7, 9, 10, 11, 13, 14, 15, 16, 17 और 18 एफसीआई मोहल्ला तक में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कई क्षेत्रों में भागीरथी नल जल योजना का कनेक्शन तक नहीं दिया गया है, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों पर निर्भर हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि पानी जीवन के लिए सबसे अनिवार्य आवश्यकता है। नगर की इतनी बड़ी आबादी के लिए नगरपालिका द्वारा महज 8 टैंकरों से पानी पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान और पूरी तरह नाकाफी है।
सफाई व्यवस्था शून्य
पुरानी बस्ती और ठाकुरदिया सहित कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है, जिससे बीमारियां फैलने का अंदेशा है। सडक़ों की स्थिति बदहाल हो चुकी है और खंभों की लाइटें बंद होने से शहर अंधेरे में डूबा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस प्रदर्शन में पानी की किल्लत से जूझ रहे विभिन्न वार्डों के नागरिकों ने भी हस्ताक्षर कर अपनी सुध लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि नगर में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई और बुनियादी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ, तो कांग्रेस आम जनता के हक के लिए उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी। इस गरिमामय और अनुशासित प्रदर्शन में खरसिया कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों, पार्षदों, स्थानीय नेताओं, भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और पीडि़त आम नागरिकों विशेषकर महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सजग रहा।
निर्माण कार्यों में अनियमितता
नगर में विकास के नाम पर खुले भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डेढ़ करोड़ की लागत से नवनिर्मित नाली। महज 15 मिनट की बारिश भी नहीं झेल पाती और बह जाती हैं। स्वीकृत नक्शे के विपरीत उल्टी दिशा में नालियों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही असंवैधानिक चौपाटी निर्माण और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
बुनियादी सुविधाएं ठप, विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप
जल संकट के अलावा कांग्रेस ने नगर की अन्य चरमराई व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है-



