बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल द्वारा ‘विश्व पर्यावरण दिवस अभियान-2026’ (15 मई से 5 जून 2026) के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 23 से 25 मई 2026 तक मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर व्यापक जन-जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्टेशनों पर स्थापित प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों की कार्यस्थिति, उपयोगिता एवं रखरखाव का गहन निरीक्षण किया गया। साथ ही यात्रियों एवं कर्मचारियों को एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग से बचने, प्लास्टिक अपशिष्ट के उचित निपटान तथा स्टेशन परिसरों को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया गया।
यात्रियों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्टेशनों पर स्थापित वाटर बूथों एवं वाटर कूलरों का भी विशेष निरीक्षण किया गया। इस दौरान जल आपूर्ति की नियमितता तथा वाटर कूलरों की कूलिंग क्षमता की जांच की गई। साथ ही सभी वाटर बूथों एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया।
अभियान के अंतर्गत रेलवे कॉलोनियों एवं स्टेशन परिसरों के आसपास स्थित क्षेत्रों में पोस्टर, बैनर एवं जनसंदेशों के माध्यम से आमजनों को प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने, कचरे के पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निपटान अपनाने तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मंडल के सभी स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों, पटरियों एवं यात्री आवागमन क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित कर प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण, पृथक्करण एवं उचित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर संचालित खान-पान एवं केटरिंग स्टॉलों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे पॉलीथीन बैग, प्लास्टिक कप एवं चम्मच आदि का उपयोग पूर्णत: बंद करने हेतु वेंडरों एवं ऑन-बोर्ड कैटरिंग स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही वेंडरों को जूट एवं कपड़े के बैग, पेपर कप तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया।
रेलवे ने चलाया प्लास्टिक उन्मूलन एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान
प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों, वाटर बूथों खान-पान स्टालों का किया गहन निरीक्षण



