रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला इन दिनों चर्चा में है। राजधानी रायपुर में प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचने के दौरान उनके काफिले में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर गाडिय़ों का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब उनकी जगह 6 नई महिंद्रा स्कॉर्पियो ने ले ली है। मुख्यमंत्री के काफिले में एक-दो नहीं, बल्कि छह नई बुलेटप्रूफ महिंद्रा स्कॉर्पियो गाडिय़ां शामिल की गई हैं। करीब ढाई साल बाद काफिले में हुए इस बदलाव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। भाजपा कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों में नई गाडिय़ों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। वे इनके फीचर्स और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा करते नजर आए। इस बदलाव पर खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पुरानी टोयोटा फॉर्च्यूनर गाडिय़ां लंबे समय से उपयोग में थीं और कई बार दौरे के दौरान बीच रास्ते में बंद हो जाती थीं। इससे सुरक्षा और आवागमन दोनों में परेशानी होती थी। इसी वजह से नई महिंद्रा स्कॅर्पियो गाडिय़ों को काफिले में शामिल करने का निर्णय लिया गया। नई स्कॉर्पियो गाडिय़ां बुलेटप्रूफ हैं और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस हैं, जिससे मुख्यमंत्री की सुरक्षा और भी मजबूत मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार वीआईपी मूवमेंट के लिए इन गाडिय़ों को खास तौर पर तैयार किया गया है। ये सभी गाडिय़ां बुलेटप्रुफ हैं, यानी कि इन्हें इस तरह से तैयार किया गया है कि इनमें गोलियों, बम धमाकों और ग्रेनेड के हमलों का असर ना पड़े। सभी गाडिय़ां 7 सीटर हैं, जिनमें आगे-पीछे कैमरा और सेंसर लगाया गया है। सभी गाडिय़ां एडास सिस्टम पर काम करती हैं। एडास सिस्टम की वजह से चलते-चलते ऑटोमेटिक ब्रेक लगाने और लेन बदलने में मदद मिलती है।साथ ही जब काफिले में कई गाडिय़ां होती हैं, तो आगे वाली कार से सही दूरी बनाए रखने में भी मदद मिलती है। कार के अंदर बैठे लोगों की सुरक्षा के लिए 6 एयरबैग मौजूद हैं और लंबी दूरी को समय पर पूरा करने के लिए दमदार इंजन है।



