रायगढ़। चिकित्सा विज्ञान में अक्सर ऐसे चमत्कार देखने को मिलते हैं जो नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं। ऐसा ही एक हैरत अंगेज मामला रायगढ़ के श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में सामने आया है, जहाँ मौत के मुहाने पर खड़ी एक 43 वर्षीय महिला को डॉ स्वाति मिश्रा की कुशल टीम ने नई जिंदगी दी है। एक दूसरे हॉस्पिटल में 3 दिन भर्ती रहने के बाद भी नहीं सुधरी हालत तब रिफर होकर बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल आई।
मरीज को पेट दर्द की गंभीर शिकायत के साथ श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वहाँ 2 यूनिट रक्त चढ़ाने के बावजूद जब वे मेट्रो हॉस्पिटल पहुँचीं, तो स्थिति बेहद भयावह थी। जाँच में पता चला कि महिला का हीमोग्लोबिन गिरकर मात्र 2.5 ग्राम रह गया था, जो कि सामान्यत: जीवन के लिए असंभव माना जाता है। डॉ. स्वाती पी. मिश्रा: ‘हाई रिस्क’ केस सुलझाने की विशेषज्ञ अस्पताल की सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती पी. मिश्रा (विशेषज्ञ: जटिल एवं हाई रिस्क प्रेगनेंसी) ने तुरंत मोर्चा संभाला। जाँच में पाया गया कि महिला को ‘रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेगनेंसी’ (गर्भ का फटना) थी और उनके पेट के भीतर लगभग 6 लीटर खून भर चुका था। डॉ. स्वाती मिश्रा, जो अपनी उच्च शैक्षणिक डिग्रियों और जटिलतम सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए जानी जाती हैं ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन का निर्णय लिया।
मौत को मात देने वाली टीम और आधुनिक ढ्ढष्ट केयर इतने कम हीमोग्लोबिन (2.5 द्दद्वह्य) पर सर्जरी करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में एनेस्थेटिस्ट डॉ. यू.एस. गुप्ता ने अपनी विशेषज्ञता से मुख्य भूमिका निभाई। साथ ही एनेस्थेटिक टीम में पूजा सिस्टर, अन्नू सिस्टर और ओटी स्टाफ से रामेश्वर ब्रदर व आश्रिता सिस्टर का विशेष सहयोग रहा। डॉ. स्वाती के साथ आरएमओ डॉ. मंजू ने भी पूरी तत्परता दिखाई। 4 यूनिट रक्त की तत्काल व्यवस्था कर ऑपरेशन शुरू किया गया। प्रॉपर आईसीयू केयर और डॉ. स्वाती मिश्रा के सटीक सर्जिकल कौशल की बदौलत मरीज न सिर्फ बच गई, बल्कि डिस्चार्ज के समय उनका हीमोग्लोबिन 9.5 ग्राम तक पहुँच गया। मैनेजिंग डायरेक्टर वरिष्ट चिकित्सक डॉ. प्रकाश मिश्रा ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल का उद्देश्य हर उस मरीज की जान बचाना है जिसे अन्य जगहों से जवाब मिल चुका हो। यहाँ उपलब्ध विश्वस्तरीय सुविधाएं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम ही ऐसे जटिल केस सुलझाने में सक्षम है। आज वह महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौट चुकी है। डॉ. स्वाती मिश्रा की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे रायगढ़ अंचल की सबसे भरोसेमंद और विशेषज्ञ स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं।
श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने रचा इतिहास
मात्र 2.5 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली महिला को दिया जीवनदान



