रायपुर/सारंगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सारंगढ़ क्षेत्र के किसानों की धान खरीदी में कटौती का मुद्दा गूंजा। सारंगढ़ की विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने सहकारिता विभाग से जुड़े इस विषय पर सरकार से सवाल किया और किसानों की धान खरीदी में कथित कटौती तथा टोकन पेंडिंग के संबंध में जवाब मांगा।
विधायक ने प्रश्न के माध्यम से पूछा कि क्या सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सारंगढ़ और बरमकेला ब्लॉक के समिति प्रबंधकों को किसानों के धान में कटौती करने, टोकन पेंडिंग रखने और रकबा सरेंडर कराने का निर्देश दिया गया था। यदि ऐसा हुआ तो यह निर्देश किसके आदेश पर दिया गया।
इस पर सरकार की ओर से वन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत या प्रकरण उपस्थित नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में सारंगढ़ में 16,44,165.60 क्विंटल तथा बरमकेला में 13,40,741.20 क्विंटल धान की खरीदी हुई। वहीं वर्ष 2025-26 में सारंगढ़ में 15,63,210.40 क्विंटल और बरमकेला में 13,03,783.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई।
जो कि पिछले वर्ष कि तुलना में सारंगढ़ विकासखंड में 80955.20 हजार क्विंटल तथा बरमकेला विकासखंड में 36958 हजार क्विंटल कम धान खरीदी से स्पष्ट होता है कि जिले के सहकारिता आयुक्त ने किसानो का हक मारा है। उपरोक्त जवाब से लगता है कि ये अधिकारी लोग क्षेत्र की जनता के प्रति इनकी कोई जवाबदेही नहीं है सबने देखा और सुना है की जिला के सहकारिता आयुक्त किस तरह से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सारंगढ़ और बरमकेला के समिति प्रबंधक को धमका चमका और दबाव डालकर किसानो का धान नहीं खऱीदा, फिर भी मंत्री जी जिले के झूठे अधिकारीयों के झूठे जवाब को सही मान लिया और बोलते है ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है आयुक्त ने कुछ नहीं बोला बड़े पाक साफ है। इसी प्रकार का झूठ फ्लाई ऐश डंपिंग में बोलते है कि सारंगढ़ में अनुमति ही नहीं फिर भी रोजाना कई डम्फर आकर हमारे क्षेत्र के पानी को प्रदूषित कर दिए है इसका सबूत सारंगढ़ के घरों से निकलता गन्दा पानी और बढ़ते पीलिया के मरीज है। इसी प्रकार का झूठ जल जीवन मिशन में बोलते है पुरे विधानसभा में सभी जगह पानी शुद्ध और पानी की कोई कमी नहीं है सभी गलियों के खोदे गड्डो को ढलाई कर पाइप लाइन बिछाने का झूठ बोलते है जिले के अधिकारी। सरकार से अस्पताल में डॉक्टर की कमी पूछने पर बोलते है जिले में पर्याप्त डॉक्टर है। इन सभी विभागों झूठे जवाब से मंत्री जी भी खुश और जनता त्रस्त। आखिर इन अधिकारीयों को जिला में संरक्षण देने वाला सरदार कौन है जिसके बदौलत कई अधिकारी अपनी मनमानी और भ्रष्टाचार कर सारंगढ़ की जनता को लूट रहे है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर किसानों को टोकन और खरीदी से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, किसान महीनों तक पटवारी तहसील कार्यालय का चक्कर लगायेऔर अंतिम में किसानो का पूरा धान नहीं खरीदने से क्षेत्र की किसानो में बहुत आक्रोश है तथा आने वाले समय में जनता की अदालत में फैसला करके किसान विरोधी सरकार को सबक सिखाएंगे।
धान खरीदी में कटौती के आरोप को सरकार का इंकार
विधानसभा में उत्तरी जांगड़े ने उठाया सवाल



