रायगढ़। नगर पालिक निगम, रायगढ़ द्वारा शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (टाइड ग्रांट)’ मद से 1 करोड़ 77 लाख एवं 9 करोड़ 38 की लागत से बी टी सडक़ निर्माण कार्यों के प्रस्ताव को मेयर इन काउंसिल की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत शहर के जीवीपी (गार्बेज वार्नरेबल प्वाइंट ) एवं सीटीयू ( कॉम्पैक्टर ट्रांसफर यूनिट) का ट्रांसफॉर्मेशन/उन्नयन, ट्रिपल आर (रेड्यूज, रियूज, रिसाइकल) सेंटर का निर्माण, 16 विभिन्न जीवीपी, सीटीयू, एस एल आर एम सेंटर एवं वेयरहाउस केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, कम्पोस्टिंग यूनिट में चेनलिंक बाउंड्रीवाल तथा 2 नए गेट का निर्माण किया जाएगा।
इन कार्यों के पूर्ण होने से शहर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। ट्रिपल आर सेंटर के माध्यम से सूखे कचरे का पुनर्चक्रण एवं पुन: उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं कम्पोस्टिंग यूनिट में वैज्ञानिक तरीके से गीले कचरे का निस्तारण किया जाएगा। विभिन्न केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से अवैध कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। निगम का लक्ष्य है कि स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बनाया जाए। इसी तरह एम आई सी की बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता के पात्र आवेदनों, इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा पेंशन के पात्र प्रकरण को स्वीकृत किया गया। इसके बाद घड़ी चौक से केवड़ाबाड़ी होते हुए ढिमरापुर चौक तक 9 करोड़ 38 लाख की लागत से बी टी सडक़ निर्माण कार्य के टेंडर को सर्वसम्मति स्वीकृति दी गई। बैठक में सभी एजेंडा से संबंधित जिज्ञासा को शांत करने एम आई सी सदस्यों द्वारा प्रश्न किए गए, जिसकी विस्तृत जानकारी कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने दी। बैठक में एमआईसी सदस्य सुरेश गोयल, पंकज कंकरवाल, अशोक यादव, श्रीमती त्रिवेणी डहरे, मुक्तिनाथ बबुआ, अमित शर्मा, आनंद भगत एवं निगम के विभाग प्रमुख अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
भवन आरक्षण अमानत राशि के नगद भुगतान के निर्देश
एम आई सी बैठक के दौरान सामुदायिक भवन आरक्षण के बाद आवेदकों के द्वारा चाबी जमा करने के बाद लिए गए अमानत राशि को तत्काल नगद रूप में भुगतान करने की सहमति बनी। इसी तरह श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत शोक संतप्त परिवार को संबंधित वार्ड के सहायक राजस्व निरीक्षक के माध्यम से दाह संस्कार के लिए लकड़ी व्यवस्था हेतु नगद भुगतान करने संबंधित व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया।
मिट्टी के ऊपर बनाएं होलिका
शहर में अधिकांश डामरीकृत सडक़ नई बनी है। प्राय: देखा जा रहा है कि सडक़ के ऊपर में ही विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा होलिका स्थापित किया जा रहा है। इससे नई सडक़ की जल्द खराब होने की एवं उखडऩे की आशंका बनी रहती है। निगम प्रशासन ने शहर के सभी सामाजिक संगठनों से होलिका बनाने के पूर्व पहले एक लेयर मिट्टी या रेट बिछाने और उसके ऊपर होलिका स्थापित करने की अपील की गई है, जिससे सडक़ आदि उखडऩे ये खराब होने की स्थिति से बचा जा सके।



