पखांजुर। बांदे के मदन चौक में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर मातृभाषा बांगला एवं शिक्षा संग्राम समिति द्वारा भाषा आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने फूल-माला चढ़ाकर शहीदों को नमन किया और मातृभाषा बांग्ला में शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम के बाद समिति ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव एवं कलेक्टर के नाम से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में मातृभाषा बांग्ला में पढ़ाई शुरू करने, शिक्षकों की नियुक्ति, पाठ्यक्रम तैयार करने तथा पाठ्यपुस्तक निगम रायपुर द्वारा बांग्ला भाषा में अलग से पुस्तकें प्रकाशित करने की मांग की गई।
समिति ने 16 जनवरी को पखांजूर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा नए शिक्षा सत्र से परलकोट क्षेत्र के 135 गांवों की प्राथमिक शालाओं में बांग्ला भाषा में पढ़ाई शुरू करने की घोषणा का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि डी.एन.के. प्रोजेक्ट क्षेत्र के लगभग 135 गांवों में बड़ी संख्या में बांग्ला भाषी लोग निवास करते हैं। पहले अविभाजित मध्यप्रदेश के समय इन क्षेत्रों के स्कूलों में मातृभाषा बांग्ला में शिक्षा दी जाती थी, लेकिन पिछले कई वर्षों से बांग्ला भाषा के शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण छात्र-छात्राएं मातृभाषा में शिक्षा से वंचित हैं। समिति की प्रमुख मांगों में बांग्ला भाषा शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति, मातृभाषा में शिक्षा की व्यवस्था, बांग्ला भाषा की अलग पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करना, विश्वविद्यालय स्तर पर बांग्ला में स्नातक शिक्षा शुरू करना तथा शिक्षा मंडल में बांग्ला भाषा विशेषज्ञों को शामिल करना शामिल है। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष नारायण दास सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मातृभाषा दिवस पर बांदे में भाषा शहीदों को नमन
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, बांग्ला में पढ़ाई शुरू करने की मांग



