मोहन नायक/बरमकेला। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बरमकेला अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के सभी शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिरों में ध्वजा चढ़ाने, पूजा-अर्चना करने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा।
पूजेरीपाली के ऐतिहासिक शिव मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
स्वयंभू शिव मंदिरों में विशेष आस्था के चलते ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के पूजेरीपाली स्थित शिव मंदिर में दिनभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। भजन-कीर्तन के बीच मंदिर में ध्वज चढ़ाया गया। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे और भोग-प्रसाद वितरण की व्यवस्था पूरे दिन जारी रही।
कलमी के गुप्तेश्वर शिव मंदिर में भक्ति और भंडारा
कलमी स्थित गुप्तेश्वर शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। यहां जलाभिषेक, पूजा-अर्चना के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। रात्रिकालीन भजन संध्या में भक्तिमय प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। घरघोड़ा के दिव्यांग बच्चों द्वारा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने सराहा।
अंबाभौना और पोरथधाम में भी रही विशेष आस्था
समीपवर्ती ओडिशा के अंबाभौना स्थित केदारनाथ मंदिर में भी सुबह से देर रात तक जलाभिषेक के लिए कतारें लगी रहीं। यहां मेला भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। वहीं त्रिवेणी संगम स्थित पोरथधाम शिव मंदिर में जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक का क्रम निरंतर चलता रहा। स्वयंभू शिवलिंग की मान्यता के कारण यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
पहाड़ मंदिर देवगांव और झनकपुर में भी उमड़ी भीड़
देवभूमि देवगांव के पहाड़ मंदिर स्थित कैलाश टेकरी शिव मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। यहां भी भक्तों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। झनकपुर में भक्तिनदाई द्वारा स्थापित शिव मंदिर की अपनी विशेष महत्ता है। यहां भी भक्तों की भीड़ उमड़ी और रात्रि में भंडारे का आयोजन किया गया।
ब्लॉक मुख्यालय बरमकेला के लाल तालाब स्थित शिव मंदिर में नगरवासियों ने सामूहिक रूप से ध्वज चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसके अलावा लोधिया, खपरापाली, नवापाली, लेंधरा, बड़े नवापारा सहित अंचल के विभिन्न गांवों में महाशिवरात्रि उत्साहपूर्वक मनाई गई। महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं की आस्था, सेवा और सहयोग की भावना ने पर्व को और भी भव्य बना दिया।



