जशपुरनगर। जशपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के मामलों की जांच को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला 8 फरवरी 2026 को एसपी कार्यालय के मीटिंग हॉल में संपन्न हुई। इसमें जिले के सभी पुलिस अधिकारी और विवेचक शामिल हुए। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शैलेंद्र पटवर्धन, डिप्टी डायरेक्टर (अभियोजन) सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन कुमार और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा ने अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं, साक्ष्य संकलन, जब्ती, सैंपलिंग, दस्तावेजी साक्ष्य और विवेचना की आवश्यक बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विवेचना की गुणवत्ता ही यह तय करती है कि आरोपी को न्यायालय में सजा मिल पाएगी या नहीं।
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। विवेचना की गुणवत्ता, कानूनी प्रावधानों का पूर्ण पालन और अभियोजन विभाग के साथ समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के प्रत्येक मामले में जिला अभियोजन विभाग से अनिवार्य रूप से परामर्श लिया जाए, ताकि न्यायालय में तस्करों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा जा सके। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शैलेंद्र पटवर्धन ने एनडीपीएस मामलों में सूक्ष्म और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेचना के दौरान प्रत्येक तथ्य का स्पष्ट, सटीक और विधिवत दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि दस्तावेजी साक्ष्यों में छोटी सी चूक भी पूरे मामले को कमजोर बना सकती है।
डिप्टी डायरेक्टर (अभियोजन) सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन कुमार और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के प्रावधानों के पालन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने जब्त मादक पदार्थों की फोरेंसिक लैब जांच, सुरक्षित अभिरक्षा, चेन ऑफ कस्टडी तथा धारा 57 के अंतर्गत सूचना देने की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई। उन्होंने यह भी बताया कि एक से अधिक आरोपियों के मामलों में एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत किस प्रकार कार्यवाही की जाती है, जिसे व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस मामलों में पारदर्शी, मजबूत और त्रुटिरहित विवेचना सुनिश्चित करना रहा। ताकि नशे के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में प्रभावी केस प्रस्तुत किया जा सके और उन्हें कठोर सजा दिलाई जा सके।
एनडीपीएस मामलों की जांच मजबूत करने प्रशिक्षण कार्यशाला
जशपुर में पुलिस अधिकारियों को न्यायाधीश-अभियोजन ने दिए टिप्स



