रायगढ़। जिले के तमनार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रैली निकालकर तमनार थाना पहुंचकर अपनी मांगें रखी। उन्होंने कहा कि पहले हुई जनसुनवाई में जुड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की।
तमनार ब्लॉक के टांगरघाट, आमगांव, तिलाईपाली, खुरूसलेंगा, लिबरा, झरना समेत अन्य गांवों के ग्रामीण तमनार थाना पहुंचे। उनका कहना था कि पुलिस ने आंदोलन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी, लेकिन अवैध तरीके से जनसुनवाई कराने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने मांग की कि थाना प्रभारी, अनुविभागीय अधिकारी, जिंदल प्रबंधन, राजस्वकर्मी और सीएचपी चौक में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाए। उनका आरोप था कि 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और नियमों का उल्लंघन थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया, विरोध करने वालों को बाहर निकाल दिया गया और पुलिस के सहारे ही जनसुनवाई कराई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन किया, लेकिन फिर भी पुलिस ने उन पर एफआईआर दर्ज कर दी।
तमनार थाना के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हुए। वे नारेबाजी कर अधिकारियों के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि अवैध तरीके से की गई जनसुनवाई के कारण हालात बिगड़े, लेकिन कार्रवाई केवल आंदोलनकारियों पर हुई, जबकि जनसुनवाई कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
ज्ञापन सौंपकर अपराध दर्ज करने की मांग
मामले में थाना प्रभारी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की गई और ज्ञापन की प्रतिलिपी राज्यपाल, पीएमओ कार्यालय, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग रायपुर भेजा गया है। वहीं स्थिति को देखते हुए पुलिस का अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
रैली निकालकर ग्रामीणों ने किया तमनार थाना का घेराव
जनसुनवाई मामले में अधिकारियों पर एफआईआर की मांग, अतिरिक्त बल तैनात



