रायगढ़। जिले के तमनार ब्लॉक स्थित जिंदल पावर लिमिटेड के थर्मल पावर प्लांट की ऐश डाइक से उड़ रही फ्लाई ऐश को लेकर आसपास के ग्रामीणों ने शिकायत की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए। जांच दल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों जिला प्रशासन को जिंदल पावर प्लांट के फ्लाई ऐश डैम से राख उडऩे की शिकायत मिली थी। आरोप है कि प्रबंधन की तरफ से पर्यावरणीय नियमों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था। गर्मी का मौसम शुरू होते ही ऐश डाइक से राख उडऩे की समस्या बढ़ जाती है। इसका असर कुंजेमुरा, पाता, बांधापाली, रेगांव और सलिहाभांठा समेत कई गांवों में देखा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 3-4 दिन पहले शाम के समय तेज हवाओं के कारण फ्लाई ऐश का घना गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया था। घरों में राख की मोटी परत जम गई थी। बर्तन, कपड़े और सब्जी-भाजी तक राख से ढक गए थे। खेतों में भी फ्लाई ऐश की परत जमी देखी गई।
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने लिया था जायजा
शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायगढ़ की टीम ने प्रभावित ग्राम कुंजेमुरा का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऐश डाइक की स्थिति, राख प्रबंधन व्यवस्था और आसपास के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया गया। स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। प्रारंभिक जांच में राख उडऩे की शिकायत सही पाए जाने पर उद्योग प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उद्योग प्रबन्धन को कई तरह के निर्देश दिए गए
प्रबंधन को पर्यावरण मानकों के अनुरूप ऐश डाइक का समुचित संधारण, नियमित जल छिडक़ाव, हरित पट्टी विकास और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पर्यावरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता पडऩे पर पुन: निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



