रायगढ़। जिले के तमनार क्षेत्र में जनसुनवाई के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच लगातार दो दिनों के प्रयास से जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई शांति वार्ता में क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिला प्रशासन एवं तमनार क्षेत्र के प्रभावित 14 ग्रामों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई शांति वार्ता सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई से संबंधित विषयों एवं उनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया पर गहन चर्चा की गई।
जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया कि 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा बाजार मैदान में आयोजित जनसुनवाई से संबंधित प्राप्त सुझावों के बाद निरस्तीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी बिंदुओं पर विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन विगत दो दिनों से प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता के लिए निरंतर प्रयासरत था। इसी क्रम में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में तमनार जनपद पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आज रविवार को देर शाम जिला प्रशासन एवं प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने को लेकर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई।
शांति वार्ता के उपरांत जिला प्रशासन एवं प्रतिनिधिमंडल, दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति बहाल रखने, तथा किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने देने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में प्रभावित 14 ग्रामों के जनप्रतिनिधि, ग्रामीण पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहे। सभी ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हुए प्रशासन के साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई-मुख्यमंत्री
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि रायगढ़ की घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जो भी पक्ष- चाहे वो उपद्रवी हों या लापरवाही बरतने वाले- दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
जिंदल की जनसुनवाई निरस्त होने के आसार
जिला प्रशासन व 14 ग्रामों के प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता सफल, कहा- शासन को भेजेंगे पत्र



