रायगढ़। शनिवार को तमनार में हुई हिंसक घटना को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी ने घटना की न्यायिक जाँच कराने, रायगढ़ कलेक्टर और एसपी को तत्काल बर्खास्त करने तथा कथित फर्जी जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तमनार की घटना प्रशासनिक संवेदनहीनता और अहंकार का परिणाम है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते संवाद और जिम्मेदारी दिखाई जाती, तो हालात हिंसा तक नहीं पहुँचते।
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अपना प्रतिनिधि मंडल तमनार भेजेगी। यह प्रतिनिधि मंडल प्रभावित ग्रामीणों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीडि़त परिवारों से मुलाकात कर रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगा।
कांग्रेस ने इस मामले में पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी और मुख्यमंत्री को भी जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि पर्यावरण मंत्री घटना के समय मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद थे, इसके बावजूद वे कभी घटनास्थल पर नहीं पहुँचे। कांग्रेस ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।
मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस ने तीखा बयान देते हुए कहा कि उन्हें ‘अपने भीतर के आदिवासी स्वाभिमान को जगाना चाहिए’ और आदिवासी क्षेत्रों में जबरन थोपे जा रहे फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि शनिवार की हिंसा के लिए जिला प्रशासन ही पूरी तरह जिम्मेदार है। पार्टी का आरोप है कि हालात बिगडऩे से पहले कलेक्टर को स्वयं धरनास्थल पर जाना चाहिए था, लेकिन उनके अहंकार और उदासीन रवैये के कारण वे वहाँ नहीं गए, जिसका नतीजा हिंसा के रूप में सामने आया। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने न तो ग्रामीणों की बात सुनी और न ही समय रहते तनाव कम करने की कोशिश की। इसी संवादहीनता ने हालात को विस्फोटक बना दिया। कांग्रेस ने एक बार फिर गारे पेलमा सेक्टर 1 से जुड़ी जनसुनवाई को फर्जी करार देते हुए कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच नहीं हो जाती, तब तक ऐसी सभी प्रक्रियाओं को निरस्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी सडक़ से सदन तक आंदोलन छेड़ेगी। तमनार की घटना अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह आदिवासी अधिकार, प्रशासनिक जवाबदेही और सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है।
तमनार हिंसा की कांग्रेस ने की भत्र्सना
न्यायिक जाँच की माँग, कलेक्टर एसपी को हटाने की मांग



